जीआरपी थाने में शस्त्रों का निरीक्षण करते पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इमरान।
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बांदा। आधुनिक असलहों से लैस राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवान अभी इन शस्त्रों के इस्तेमाल में पूरी तरह माहिर नहीं हैं। यह बात मंगलवार को जीआरपी के पुलिस अधीक्षक के वार्षिक निरीक्षण में सामने आई। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि हर हफ्ते शस्त्रों की सफाई और समय-समय पर उनके प्रयोग का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की यात्रा सुगम और सुरक्षित करना हमारा फर्ज है।
झांसी से आए पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इमरान ने जीआरपी थाने का देर तक निरीक्षण कर अभिलेख आदि देखे। जवानों से थानों के असलहों के बारे में जानकारी ली। पिस्टल, राइफल आदि उनसे खुलवाई और बंद करवाई। कई जवान इसमें माहिर नजर नहीं आए। पुलिस अधीक्षक ने थाना अधिकारियों और जवानों को निर्देश दिया कि आम नागरिकों/यात्रियों को जीआरपी से जो अपेक्षाएं हैं उस पर खरा उतरें।
यात्रियों की यात्रा सुगम रूप से होना सुनिश्चित कराएं। हिस्ट्रीशीटर और सक्रिय अपराधियों पर लगातार नजर रखें। एसपी ने बताया कि थाने के अभिलेख संतोषजनक हैं। निर्देश दिया है कि हर रविवार को शस्त्रों की सफाई आदि कराई जाए। पिछले वर्ष जो कमियां रह गई थीं उन्हें इस वर्ष हर हाल में पूरा करें। निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।