इलाहाबाद से आई तीन सदस्यीय टीम ने दिन भर विकास भवन स्थित समाज कल्याण दफ्तर में जांच-पड़ताल की। अधिकारियों ने शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति के अभिलेख खंगाले।
उधर बीएड छात्र-छात्राआें को छात्रवृत्ति के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। समाज कल्याण विभाग में बाबू से लेकर अफसर तक उन्हें टरका कर रहे हैं। परेशान छात्रों ने मंगलवार को डीएम से इसकी शिकायत की है।
इलाहाबाद एजी आफिस के सहायक लेखा परीक्षक अधिकारी आरडी सिंह व डीके श्रीवास्तव तथा वरिष्ठ लेखा परीक्षक अधिकारी समीर शुक्ला यहां सोमवार से डेरा जमाए हैं। समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विभाग के दफ्तरों में सप्ताह भर रहकर शुल्क प्रतिपूर्ति के अभिलेखों की पड़ताल करेंगे।
उन्होने बताया कि प्रतिपूर्ति मामले में कई चीजें सामने आई हैं। इसकी रिपोर्ट कैग को भेजी जाएगी। वहीं से जांच और कार्रवाई होगी। उधर राजा देवी डिग्री कालेज मेें मौजूदा सत्र के छात्रों ने कलेक्ट्रेट में डीएम को दिए ज्ञापन में कहा है कि वह बीएड के प्रशिक्षार्थी है। कुछ छात्रों का दाखिला शून्य बैलेंस पर हुआ था और कुछ छात्रों ने फीस जमा की थी।
सभी छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है, लेकिन अब तक वह नहीं आई। जिला समाज कल्याण कार्यालय में उन्हें यह कहकर टरकाया जा रहा है कि नए शासनादेश में छात्रवृत्ति का कोई उल्लेख नहीं है।
छात्रों ने कहा कि आर्थिक तंगी के चलते उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। 51,250 रुपये फीस नहीं दे सकते। छात्रों में संदीप कुमार राही, शशांक दीक्षित, अवनीश यादव, अवधेश कुमार, अजय गुप्ता, अमित द्विवेदी, जयकरन और सत्येंद्र कुमार शामिल रहे।