ूर्वी कोठी में मातम जुलूस निकालते शिया मुस्लिम।
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बांदा। कर्बला की जंग में 72 लोगों की शहादत के बाद सलामत बचे कुनबे के कर्बला से वापस मदीने पहुंचने की याद में बुधवार को शिया मुस्लिमों ने अलम, जुलजना (घोड़ा) और मातमी जुलूस का प्रदर्शन किया। इसी के साथ मोहर्रम से अब तक सवा दो माह से चले आ रहे शिया मुस्लिमों के मातमी आयोजन खत्म हो गए।
शहर के पूर्वी कोठी में पूरा दिन आयोजन हुए। मौलाना इमरान रजा (बिहार) ने मजलिस को संबोधित करते हुए शहीदाने कर्बला का जिक्र किया। मजलिस के बाद परिसर में ही मातमी अलम जुलूस और जुलजना (घोड़ा) निकाला गया। युवाओं ने जंजीरों से सीनाजनी और मातम किया। अंजुमने अब्बासिया (बांदा) के सदर अली अनवर और सचिव शजल सहित साबिर, रजा मेंहदी, अधिवक्ता हसन रजा व मोहसिन रजा आदि ने नोहा ख्वानी की। अधिवक्ता सैय्यद अली मंजर, जाफर इमाम, शोएब रिजवी आदि शामिल रहे।