मोहर्रम की दूसरी तारीख की रात शहर में निकाला ताजिया जुलूस।
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बांदा। एक तरफ नवरात्र में देवी गीत तो दूसरी तरफ मोहर्रम के ताजिया जुलूसों के मातमी बाजों की गूंज। दुर्गा पूजा उत्सव के साथ ही मोहर्रम माह भी शुरू हो गया। सोमवार से रोजाना ताजियों का जुलूस निकल रहा है। कई स्थानों पर ताजिये का जुलूस देवी पंडालों से होकर गुजर रहे हैं। दोनों ही धर्मों के अनुयायी एक-दूसरे मिलजुलकर अपने-अपने आयोजनों में व्यस्त और मस्त हैं। बुधवार को नवरात्र की पांचवीं और मोहर्रम की तीसरी तारीख थी।
नवरात्र पर मंदिरों और दुर्गा पंडालों में पूजा अर्चना की धूम रही। उधर, पिछले तीन दिनों से रोजाना रात में मोहर्रम पर ताजिया जुलूस निकल रहे हैं। सोमवार पहली मोहर्रम की रात मर्दननाका से जन्नो बीबी का ताजिया उठा। निर्धारित सड़कों से होकर देर रात कोतवाली रोड स्थित इमामबाड़े में समापन हुआ। मंगलवार को दूसरी मोहर्रम पर दरी वालों का ताजिया निकला। यह भी शहर में भ्रमण के बाद वापस इमामबाड़े में रख दिया गया। बुधवार को तीसरी मोहर्रम की रात अंसारी बिरादरी का ताजिया निकाला गया। सुरक्षा के लिए पुलिस भी साथ रही। मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष अब्दुल वहीद, संरक्षक मोहम्मद शोएब, वार्ड सदस्य लल्लू खां, हाफिज साबिर चौधरी, मोहम्मद अजीज उर्फ अज्जन, हबीब बाबा, लाला चौधरी, तौफीक अंसारी, वाजिद अली आदि जुलूस में शामिल रहे।