बांदा। समाजवादी पार्टी ने बुंदेलखंड में घोषित 10 प्रत्याशियों में चार को उसी सीट पर दोबारा मौका दिया है, जहां से ये पिछला चुनाव हारे थे। छह सीटों पर बसपा ने और चार पर कांग्रेस ने हराया था। सपा ने अपनी पहली सूची में बुंदेलखंड में ब्राह्मण और मुस्लिम को टिकट नहीं दिया है। पहली सूची में दो ऐसे भी प्रत्याशी हैं, जिन्होंने पिछला विधानसभा चुनाव दूसरे दलों से लड़ा था।
बांदा सदर से घोषित प्रत्याशी देवराज गुप्त वर्ष 2012 में बुंदेलखंड कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। उन्हें मात्र 564 वोट मिले थे। उन्हें कांग्रेस के विवेक कुमार सिंह ने हराया था। महरौनी (ललितपुर) में घोषित प्रत्याशी रमेश कुमार खटिक कांग्रेस से प्रत्याशी थे। वे चौथे नंबर पर रहे थे।
नरैनी, महोबा, राठ, कालपी सीटों पर सपा ने वही प्रत्याशी इस बार भी उतारे हैं, जो पिछला चुनाव इसी सीट से हार गए थे। नरैनी (बांदा) मेें भरतलाल दिवाकर बसपा के जीसी दिनकर से 4743 वोट से हार गए थे।
महोबा में सिद्ध गोपाल साहू बसपा के राजनारायण बुधौलिया से मात्र 534 वोटों से पराजित हुए थे। राठ (सुरक्षित) सीट पर इस बार भी प्रत्याशी घोषित अंब्रेश कुमारी पिछला चुनाव कांग्रेस के गयादीन अनुरागी से 36136 वोटों के भारी अंतर से हार गई थीं। कालपी (जालौन) घोषित किए गए चौधरी विष्णुपाल सिंह पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे। यहां कांग्रेस की उमाकांती सिंह जीती थीं। बसपा को दूसरा स्थान मिला था।
ब्राह्मण और मुस्लिम टिकट से महरूम
बांदा। बुंदेलखंड में ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है, लेकिन जातिगत आधार पर टिकट बांटने के लिए मशहूर बसपा और सपा ने फिलहाल अपने घोषित प्रत्याशियों में इन दोनों बड़े वोट बैंक को दरकिनार कर दिया है।
खासकर सपा को मुस्लिमों का सबसे अधिक हमदर्द और मुस्लिमों को सपा का सबसे ज्यादा समर्थक माना जाता है, लेकिन बुंदेलखंड की घोषित 10 सीटों में किसी भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया है। ऐसे में मुस्लिम मतदाताओं के वोट बंटने के पूरे आसार हैं। उधर, अब यह भी चर्चा है कि भाजपा की सूची में बुंदेलखंड में ब्राह्मण प्रत्याशी जरूर होंगे।
भाजपाकी सूची मई में, कांग्रेस की पता नहीं
बांदा। बसपा और सपा ने बुंदेेलखंड में अपने प्रत्याशी तय कर भाजपा और कांग्रेस को मात दे दी। बसपा ने ज्यादातर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। शुक्रवार को सपा ने भी 10 प्रत्याशी घोषित कर दिए। भाजपा का कहना है कि खाका तैयार है। पहली सूची मई में घोषित हो जाएगी।
उधर, कांग्रेस अपना पिटारा कब खोलेगी? यह यहां के नेताओं को भी नहीं पता। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बालमुकुंद शुक्ल का कहना है कि भाजपा अपने 200 प्रत्याशियों की पहली सूची मई में जारी करेगी। खाका तैयार है।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रत्याशी विषम परिस्थितियों को छोड़कर बदले नहीं जाते। जैसा कि सपा और बसपा में होता है। सपा ने सूची जारी करते-करते तीन टिकट बदल दिए। उधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार शुक्ल का कहना है कि प्रत्याशी चयन की काफी प्रक्रिया निपटा ली गई है। आवेदन लेने के बाद हाईकमान से भेजे गए पर्यवेक्षकों ने यहां आकर दावेदारों से बातचीत की है। सूची जल्द घोषित होगी, लेकिन कब होगी यह नहीं पता।