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24 स्कूलों में मिड डे मील घपले के बाद अब पूरे जिले में जांच

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बांदा। मिड-डे मील में घपलेबाजी पर बड़ोखर ब्लॉक के 24 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने के बाद अब जिले सात अन्य ब्लॉकों में भी जांच शुरू हो गई है। बच्चों के खाने से जेब भरने का यह खेल उन गांवों में ज्यादा हुआ है, जहां नए प्रधान चुने गए थे।
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इन गांवों के स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने खाते से मनमानी तरीके से धनराशि निकाली है। बीएसए दिसंबर से अब तक निकाली गई धनराशि का पूरा ब्योरा प्रधानाध्यापकों से तीन दिन के अंदर मांगा है। उधर, जिन प्रधानाध्यापकों का वेतन रोक दिया गया है, वह प्रधानों के साथ संयुक्त खाता संचालन के प्रार्थना पत्र बैंक में देते घूम रहे हैं।
पिछले वर्ष अक्टूबर में जिले में पंचायत चुनाव के बाद मिड-डे मील के खातों का संचालन ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापकों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाना था, लेकिन प्रधानाध्यापकों एकल खाता खुलवाकर खुद पैसा निकाला और खर्च किया। प्रधानों की शिकायत पर सीडीओ ने जांच के आदेश दिए। बड़ोखर ब्लॉक खंड शिक्षा अधिकारी अनुराग मिश्र ने जांच कर 24 विद्यालयों की सूची सौंपकर बताया कि यहां के प्रधानाध्यापकों ने अपने एकल खाते खुलवाकर खाता संचालन किया।
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खंड शिक्षा अधिकारी की इस रिपोर्ट पर बीएसए ने 24 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोक दिया। उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। बीएसए रामपाल सिंह ने बताया कि बड़ोखर ब्लॉक में हुई गड़बड़ी से सबक लेकर अब जिले के अन्य सातों ब्लॉकों में भी खंड शिक्षाधिकारियों को इसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। उनसे तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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