अतर्रा। महोतरा गांव में रिक्शा चालक की हत्या के मामले में अधिवक्ता को नामजद किए जाने और विवेचना में नाम न हटाने के विरोध में तहसील अधिवक्ता संघ ने थानाध्यक्ष का घेराव किया। 26 जून को संघ का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिलेगा।
10 जून को रिक्शा चालक राजू आरख की हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया था। इसमें अधिवक्ता अतुल दीक्षित को नामजद किया गया था। अधिवक्ता संघ का कहना था कि पुलिस ने साजिश के तहत मृतक के अनपढ़ चाचा से अंगूठा लगवाकर अधिवक्ता का नाम शामिल कर लिया।
इसके विरोध में अधिवक्ता एक सप्ताह से हड़ताल पर रहे। तवज्जो न मिलने से खफा अधिवक्ताओं ने गुरुवार को संघ अध्यक्ष रामराजा त्रिपाठी की अगुवाई में थाने में थानाध्यक्ष का घेराव किया। अधिवक्ताओं का कहना था कि थानाध्यक्ष उनका फोन रिसीव नहीं करते।
उधर, थानाध्यक्ष केएन सिंह ने कहा कि वह दोपहर दो से शाम पांच बजे तक सीयूजी नंबर पर बात नहीं करेंगे। इस अवधि में मोबाइल स्विच आफ रहेगा। इस पर अधिवक्ताओं की नोकझोंक हो गई। लगभग दो घंटे तक थाना परिसर में अधिवक्ताओं के जमावड़े से अफरातफरी का माहौल रहा।
पुलिस के नरम पड़ने पर अधिवक्ता वापस लौटे। संघ अध्यक्ष ने कहा कि 26 जून को प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिलेगा। पूर्व अध्यक्ष अमर सिंह राठौर, ब्रह्मदत्त शुक्ला, राजेश द्विवेदी, सूरज वाजपेयी, नारेंद्र गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, रमेश चौरिहा, भोला द्विवेदी, अरविंद पांडेय समेत तमाम अधिवक्ता शामिल रहे।