कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (बड़ोखर खुर्द) में छात्राओं को भूखा रहना पड़ रहा है। सुबह और शाम का नाश्ता बेसिक शिक्षा विभाग हड़प रहा है। दोपहर का भोजन लेटलतीफ दिया जा रहा है। वह भी मेन्यू के मुताबिक नहीं।
अपर जिलाधिकारी के निरीक्षण में यह अंधेरगर्दी सामने आई। एडीएम ने बीएसए को निर्देश दिया है कि एक हफ्ते के अंदर जांच पूरी करके दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करें। अपर जिलाधिकारी डीएस पांडेय ने औचक निरीक्षण में देखा कि 91 बालिकाएं पंजीकृत हैं, लेकिन उपस्थित सिर्फ 37 मिलीं।
वार्डेन ने सफाई दी कि ठंड की वजह से बच्चे दो-तीन दिन में सब आने लगेंगे। बच्चों के भोजन के बर्तन गंदे पाए गए। इनकी रोजाना ठीक सफाई नहीं होती। बीमारी फैलने का अंदेशा है। किचन में शक्कर और आटा की बोरियां खुली पड़ी मिलीं। विद्यालय की दीवार पर मेन्यू नहीं लिखा गया।
छात्राओं ने एडीएम को बताया कि मेन्यू के मुताबिक खाना नहीं मिलता। रोजाना दो बार भोजन और दो बार नाश्ता देने की व्यवस्था है, लेकिन सुबह और शाम का नाश्ता नहीं मिलता। दोपहर का भोजन भी विलंब से मिलता है जिससे बच्चों को भूखा रहना पड़ता है।
एडीएम ने बीएसए डॉ. सत्यनारायण को निर्देश दिया कि खुद इसकी जांच करें और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। छात्राओं ने वार्डेन की शिकायतें कीं। एडीएम ने छात्राओं को 35 रजाई उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि वह एक हफ्ते बाद फिर निरीक्षण करेंगे।
निरीक्षण के समय बीएसए डा.सत्यनारायण, वार्डेन सीता राजपूत सहित रंजना द्विवेदी, साधना पांडेय और शिखा चौरसिया उपस्थित थीं। महुआ कस्तूरबा गांधी के निरीक्षण में एडीएम को सब कुछ ठीकठाक मिला।