बांदा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सामूहिक विवाह
यज्ञ में 18 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। आयोजकों ने इसे शादी-विवाह में
फिजूल खर्ची रोकने का प्रयास बताया है।
बबेरू रोड स्थित स्मृति
वाटिका में सोमवार को सुबह मंडप के नीचे हवनकुंड में अग्नि को साक्षी मानकर
दंपत्तियों ने सात फेरे लिए और एक साथ जीवन व्यतीत करने का संकल्प लिया।
इसमें क्षत्रिय समेत ब्राह्मण व वैश्य वर्ग के वर-वधू भी शामिल रहे।
सामूहिक
विवाह में महिलाओं ने विवाह व मंगल गीत गाए। आयोजकों व अतिथियों ने
नवदंपत्तियों को उपहार भेंट किए। संत कृपाल सिंह, पूर्व सांसद अशोक सिंह
चंदेल, पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस मौजूद रहे।
आयोजकों ने
प्रतिवर्ष ऐसा ही आयोजन करने का संकल्प लिया। नरेंद्र सिंह परिहार ने कहा
कि फिजूल खर्ची से तमाम परिवार पुत्रियों की शादी के बाद कर्ज के बोझ में
दब जाते हैं। ऐसी स्थिति से बचाने के लिए सामूहिक विवाह यज्ञ की भूमिका
महत्वपूर्ण है।
अर्चना सिंह (बिहरका)-अरुण कुमार (मवई), पूजा
(भभई)-रामकिशोर सिंह (टिकरी), रंजना सिंह (कानाखेड़ा)-शैलेंद्र सिंह
(झींझक), पूजा मिश्र (बांदा)-पुनीत दीक्षित (बल्लान), मनीषा सिंह
(कोर्रा)-बरदानी सिंह (मरका), कोमल सिंह (खनपना, कानपुर)-रावेंद्र सिंह
(ज्योनिहा, कानपुर)।
सोनिया सिंह (जौहरपुर)-राजू सिंह (सुरहा कबरई),
अनुराधा सिंह (मवई खुर्द)-राकेश सिंह (गुरेह), पूर्णिमा गुप्ता (गायत्री
नगर)-छोटा गुप्ता (शंभू नगर), नंदनी सिंह (नगरा, झांसी)-नूतन सिंह
(खप्टिहा), अनुराधा सिंह (बिलगांव)-रोशन सिंह (अमारा), रश्मि सिंह
(पचनेही)-दुर्गा शंकर (अमलोर), सोनू सिंह (पचनेही)-जितेंद्र सिंह (बमरौला),
ज्योति सिंह (करहिया)-विकास सिंह (गुरदहा), सरोज सिंह (लदगांव,
फतेहपुर)-अंकुश सिंह (सिकलोढ़ी), रूपा सिंह (सागर)-राजू सिंह (चित्रकूट)।