फोटो - 16 आरोपी आदर्श सिंह। स्त्रोत : पुलिस
बांदा। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में पकड़े गए अभ्यर्थी आदर्श सिंह ने उम्र सीमा को पार करने के बाद भर्ती में शामिल होने के लिए ऐसा तरीका अपनाया जिसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया। पूछताछ में सामने आया कि उसने अपनी वास्तविक उम्र छिपाने के लिए दोबारा हाईस्कूल परीक्षा पास की और उसी के आधार पर सरकारी दस्तावेजों में जन्मतिथि बदलवा ली। अब पुलिस ने उसके दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया है।
प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र के सराय गोपाल निवासी आदर्श सिंह जिले के इंटरमीडिएट कॉलेज तिंदवारा में बुधवार हुई पुलिस भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली की परीक्षा दे रहा था। केंद्र व्यवस्थापक धनराज को उसकी शारीरिक उम्र और प्रवेश पत्र में दर्ज उम्र के बीच अंतर दिखाई दिया। संदेह होने पर अभ्यर्थी को रोककर पूछताछ की गई लेकिन जब अभ्यर्थी के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए तो उन्होंने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान अभ्यर्थी ने बताया कि उसने पहली बार वर्ष 2001 में हाईस्कूल और वर्ष 2004 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
बाद में पुलिस भर्ती की आयु सीमा में आने के लिए उसने वर्ष 2014 में दोबारा हाईस्कूल परीक्षा पास की। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर आधार कार्ड में भी जन्मतिथि संशोधित करा ली। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच में सामने आया कि उसकी वास्तविक जन्म वर्ष 1985 है, जबकि संशोधित दस्तावेजों में जन्म वर्ष 1998 दर्ज कराया गया। यानी भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए उसने अपनी उम्र करीब 13 वर्ष कम दर्शाई। मामले में पुलिस दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रही है और संबंधित अभिलेखों को खंगाला जा रहा है।
परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान अभ्यर्थी की उम्र को लेकर संदेह हुआ था। केंद्र प्रशासन की सतर्कता के चलते उसे परीक्षा केंद्र के भीतर जाने से पहले ही रोक लिया गया। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में जन्मतिथि संबंधी हेराफेरी के तथ्य सामने आए हैं। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
- पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक बांदा