बांदा। यूपी के एटा जनपद में ईंट भट्ठे पर बंधुवा बनाए गए 48 मजदूरों को बंधुवा मुक्ति मोर्चा संगठन ने सोमवार को रिहा करवा लिया। इनमें 20 बच्चे और 14 महिलाएं हैं। मजदूरों और उनके बच्चों को बांदा के लिए रवाना कर दिया गया है। यह सब जनपद के बबेरू क्षेत्र के जमुनिहा पुरवा के बताए गए हैं।
बंधुवा मुक्ति मोर्चा, नई दिल्ली के कार्यकर्ता सोनू तोमर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मजदूरों को बंधुवा बनाकर काम लिया जा रहा है। उनके साथ मारपीट की जा रही है। मजदूरों के पास खाने की सामग्री भी नहीं थी। बताया कि उन्होंने एटा डीएम अंकित कुमार अग्रवाल को जानकारी दी।
डीएम ने किशनपुर (एटा) स्थित भट्ठे पर विजिलेंस टीम भेजी। टीम ने मजदूरों से बातचीत की। मजदूरों ने अपने ऊपर हो रहे जुल्म बताए। बताया कि ईंट भट्ठा मालिक ने 650 रुपये प्रति हजार ईंट की दर से मजदूरी देने की बात कही थी। लेकिन इससे मुकर गया। मारपीट कर जबरदस्ती काम करा रहा था। श्री तोमर ने कहा कि कोरोना में मजदूरों को हर कोई बहला-फुसलाकर बेच रहा है। सरकार ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करे।