बांदा/नरैनी/बबेरू/अतर्रा। सार्वजनिक शौचालय निर्माण में मानकों की अनदेखी की शिकायत पर जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी ने गो आश्रय स्थल के निरीक्षण में गायों को शारीरिक रूप से जर्जर देखकर नाराजगी जताई। पशु चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया।
नरैनी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम आनंद कुमार सिंह को दिए शिकायती पत्र में बरूआ स्योढ़ा, बांस पोखरी गांव के ग्रामीणों ने शिकायत की कि सार्वजनिक शौचालय में मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग नहीं किया गया।
डीएम ने ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 89 शिकायतें आईं। इनमें तीन शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। पुलिस अधीक्षक एसएस मीणा, एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी सियाराम आदि मौजूद रहे। उधर, बबेरू में एडीएम संतोष बहादुर सिंह की अध्यक्षता में 32 शिकायतों में तीन का मौके पर निस्तारण किया गया। इस मौके पर एसडीएम सौरभ शुक्ला, सीओ अतर्रा सत्यप्रकाश शर्मा, कोतवाली प्रभारी भास्कर मिश्रा और बीईओ कैलाश सिंह आदि मौजूद थे।
उधर, अतर्रा में उप जिलाधिकारी जेपी यादव ने 34 शिकायतें सुनी। इनमें छह शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी सत्य प्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर, समाधान दिवस के बाद डीएम ने पिथौराबाद गांव में पशु आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। गो सेवक ने बताया कि यहां 112 गोवंश संरक्षित हैं।
डीएम ने ठंड से बचाव के सभी व्यवस्थाएं करने को कहा। सभी गोवंश को टैगिंग के निर्देश दिए गए। कुछ गोवंश शारीरिक रूप से कमजोर देख डीएम ने नाराजगी जताई। उन्हें नमक, चोकर, गुड़ आदि खिलाने के निर्देश दिए। आश्रय स्थल और बढ़ाने को कहा। डीएम ने इसके बाद गिरवां के पशु चिकित्सालय का निरीक्षण किया। स्टाफ के बारे में जानकारी ली। टीकाकरण के बारे में पूछा। डीएम ने ओपीडी रजिस्टर देखा और इसमें चिकित्सा के लिए आने वाले पशुओं की संख्या कम आने पर असंतोष जताया।