बांदा। छह-छह लाख रुपये के दो चेक बाउंस होने के मामले में आरोपी की पुनरीक्षण (रिवीजन) याचिका सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। अदालत ने विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम द्वारा जारी समन आदेश को सही ठहराते हुए उसमें हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, नुनिया मोहाल कटरा कोतवाली निवासी झल्लूराम ने आरोप लगाया था कि अर्जुन ने 15 लाख रुपये उधार लिए थे। इसमें से तीन लाख रुपये लौटाने के बाद शेष राशि के भुगतान के लिए छह-छह लाख रुपये के दो चेक दिए, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर अनादरित (बाउंस) हो गए। कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर परिवाद दायर किया गया।
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने प्रथमदृष्टया मामला बनता पाते हुए आरोपी को समन जारी किया था। सत्र न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि मजिस्ट्रेट के आदेश में कोई कानूनी त्रुटि या अनियमितता नहीं है। इसलिए पुनरीक्षण याचिका निरस्त करते हुए 26 सितंबर 2025 के समन आदेश को बरकरार रखा गया।