बांदा। पुलिस उपाधीक्षक राजीव प्रताप सिंह के अतर्रा स्थित सरकारी आवास में करीब ढाई माह पूर्व हुई चोरी का पुलिस ने अब खुलासा कर दिया है। दो चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास सोने के कुछ जेवर और 24 हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक ये दोनों अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सदस्य हैं। हालांकि पुलिस उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं बता पाई।
3 सितंबर 2019 को अतर्रा में क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह के सरकारी आवास में ताला तोड़कर दिन दहाड़े चोरी कर ली गई थी। घटना के समय घर सूना था। क्षेत्राधिकारी ड्यूटी पर थे। पत्नी बाहर गई हुई थीं। क्षेत्राधिकारी ने 45 हजार रुपये कैश और पत्नी के कुछ आभूषण चोरी होने की रिपोर्ट अतर्रा थाने में अज्ञात चोरों पर दर्ज कराई थी। हालांकि काफी चर्चा यह भी थी कि चोर क्षेत्राधिकारी का रिवाल्वर भी ले गए थे। लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की। तब से पुलिस लगातार इस चोरी का खुलासा करने के लिए हाथ-पैर मार रही थी।
सोमवार को यहां पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने मीडिया वार्ता में चोरी का खुलासा करते हुए दो चोरों के गिरफ्तार होने की सूचना दी। उन्होंने बताया कि हापुड़ जिले के शिवदयाल का पुरवा निवासी लगभग 28 वर्षीय मोहम्मद सदीनु पुत्र आमुद्दीन और गाजियाबाद के शिवपुरी निवासी अशोक पांडेय पुत्र जगदीश पांडेय को पुलिस सर्विलांस सेल, क्राइम ब्रांच और अतर्रा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह दोनों गाजियाबाद से गिरफ्तार किए गए हैं। एसपी ने बताया कि दोनों अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सदस्य हैं। यह गिरोह महाराष्ट्र, दिल्ली एनसीआर, दमन द्वीप आदि में चोरी की तमाम घटनाएं अंजाम दे चुका है।
एसपी के मुताबिक दोनों गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि 3 सितंबर को वह सेंट्रो कार से आए थे। साथ में साबिर पुत्र गुलफाम, अलीजान पुत्र सईद, दीपक पांडेय पुत्र अशोक पांडेय भी थे। इनका निशाना अतर्रा सीएचसी में डाक्टर का आवास था। तभी क्षेत्राधिकारी के घर का ताला तोड़कर अलमारी में रखे जेवर और कैश लेकर गूगल के सहारे कौशांबी, कानपुर होते हुए गाजियाबाद निकल गए। यह भी बताया कि इस गिरोह ने 4 अगस्त को बांदा में एक डाक्टर के आवास में चोरी करने की कोशिश की थी।
इसके अलावा घाटमपुर, हमीरपुर, कानपुर शहर और गाजियाबाद में भी डाक्टरों के घर चोरियां कीं। गिरोह डाक्टरों के घर को ही अपना निशाना बनाता है। बताया कि अभियुक्त मोहम्मद सदीनु चोरी का माल बिकवाने की व्यवस्था करता था। पकड़े जाने पर अशोक पांडेय जमानत व वकील आदि की व्यवस्था व खर्च करता था। दोनों अभियुक्तों के हवाले से एसपी ने बताया कि साबिर, दीपक व अलीजान ने सीओ के आवास पर हुई चोरी का सामान बेचने के लिए ले लिया था। दो अंगूठी छोड़कर सारे जेवर गलवाकर अपने पास रख लिए।
रविवार की शाम करीब साढ़े 4 बजे यह गाजियाबाद में पकड़े गए। बताया कि दीपक, साबिर और अलीजान गाजियाबाद व कानपुर जेलों में बंद हैं। उनकी जमानत के लिए पैसों की व्यवस्था करना थी। एसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी शौकीन मिजाज के हैं। बड़े शहरों में चार पहिया में गूगल के सहारे घूमते हैं और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।
पकड़े गए दोनों अभियुक्तों का कोई आपराधिक इतिहास फिलहाल पुलिस नहीं बता सकी। बरामद सोने के जेवर की कीमत साढ़े 4 लाख रुपये बताई। अशोक पांडेय मूलरूप से हरदोई का रहने वाला है और इन दिनों गाजियाबाद में रहता है। चोरी का खुलासा करने वाली टीम में सर्विलांस सेल के इंसपेक्टर आनंद कुमार सिंह, अतर्रा थाना प्रभारी निरीक्षक रामेंद्र तिवारी, क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक सुजीत कुमार सिंह, अतर्रा थाना उप निरीक्षक पन्नालाल यादव, हेड कांस्टेबल योगेंद्र सिंह चौहान, शैलेंद्र कुमार यादव, कांस्टेबल भानु प्रकाश, विश्ववीर और अश्वनी प्रताप शामिल रहे।