बांदा। प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्या गिरि की अदालत ने मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के करीब 12 साल पुराने मामले में महामर्दन उर्फ ननकवा को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर सका।
मामला पैलानी थाना क्षेत्र का है। महामर्दन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता रामस्वरूप बाजपेयी की पत्नी माया देवी के अनुसार, 19 अप्रैल 2014 को महामर्दन ने उनकी पट्टे की जमीन पर गेहूं काट रहे बटाईदार को रोक दिया था। आरोप था कि उसने माया देवी और उनकी नातिन लक्ष्मी देवी से गाली-गलौज की और फरसे से माया देवी पर हमला करने का प्रयास किया। उनके दाहिने हाथ में चोट आई थी। शोर सुनकर ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चला गया।
अभियोजन ने माया देवी को मुख्य गवाह के रूप में पेश किया, लेकिन उन्होंने अदालत में अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया। उनके मुताबिक करीब 11 साल पहले उनके पति रामस्वरूप बाजपेयी और महामर्दन के बीच कहासुनी व धक्का-मुक्की हुई थी, जिसमें उन्हें चोट लगी थी।
माया देवी ने अदालत में यह भी कहा कि आरोपी से सुलह-समझौता हो चुका है और दूसरे मुकदमे में उनके पति व बेटा मनोज अभियुक्त हैं। उन्होंने कहा कि वह मुकदमा नहीं लड़ना चाहतीं। न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्य को पर्याप्त न मानते हुए महामर्दन को दोषमुक्त कर दिया। आदेश में अपील के लिए 20-20 हजार रुपये के दो जमानतदारों के साथ व्यक्तिगत बंधपत्र एक सप्ताह के भीतर दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।