बांदा। शरीर में लकवा मार जाने पर मानसिक संतुलन खो चुके युवक ने घर में जहर खा लिया। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल लेकर आए। यहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रविवार की रात उसने दम तोड़ दिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मवई गांव निवासी राजकुमार (30) ने रविवार की शाम पांच बजे करीब घर में जहर खा लिया। परिजनों ने उसे बेहोशी की हालत में घर में पड़े देखा तो जिला अस्पताल लेकर आए। यहां से डॉक्टरों ने उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छोटे भाई विजय ने बताया कि वह गांव में कैफे की दुकान खोले था। जुलाई माह में उसे लकवा मार गया था।
जिससे उसने मानसिक संतुलन खो दिया था। उसका ग्वालियर में इलाज चल रहा था। घटना के समय पत्नी माधवी मवेशियों को बांधने पशु बाड़ा गई थीं। एक पुत्र है। भाई ने बताया कि वर्ष 2016 में उनकी बहन रोशनी की सर्प दंश से मौत हो चुकी है। पिता मुन्ना प्रसाद की चाय की गुमटी है। शहर कोतवाल मनोज शुक्ला ने बताया कि परिजन जहर खाने की बात कह रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।