बांदा। मामा के घर में रह रहे शहर कोतवाली क्षेत्र के कनवारा लोधौरा पुरवा निवासी दीपक (20) ने रात में छप्पर की धन्नी से दुपट्टे से फंदा लगा लिया। उसी बीच मामा बच्चा बाहर जाने के लिए तैयार हो रहा था। उसने कमरे में जाकर देखा तो वह फंदे से लटका था।
प्रधान हरिशंकर राजपूत ने बताया कि तीन दिन पहले वह इटावा से गांव आया था। इटवा में वह ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। दो भाई एक बहन में वह दूसरे नंबर का था। बताया कि 15 साल पहले उसकी मां रज्जी ने दूसरी शादी कर ली थी। वह बच्चों को छोड़कर चली गई थी। तब से सभी भाई-बहन अपने मामा के घर में रह रहे थे। पिता प्रेमचंद्र का आठ माह पहले निधन हो चुका है। घर में किसी तरह की कोई बातचीत नहीं हुई। उसने किस वजह से फंदा लगाया उन्हें नहीं पता। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि परिजन वजह नहीं बता सके हैं। प्रथम दृष्टया खुदकुशी है।