बांदा। लंबी दूरी की ट्रेनों में सक्रिय ठगों के जाल में फंसी एक महिला की चार दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। चंबल एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में खुद को तांत्रिक बताने वाले शातिर ने महिला को प्रसाद खिलाकर अचेत कर दिया था और जेवर-नकदी लेकर भाग गए थे।
झारखंड के धनबाद से ससुराल महोबा लौट रही महिला पति के साथ चंबल एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में सफर कर रही थी। सासाराम स्टेशन के पास साधु-संत के वेश में एक व्यक्ति डिब्बे में चढ़ा और यात्रियों से बातचीत करने लगा। उसने खुद को तांत्रिक बताते हुए महिला को चमत्कारी प्रसाद कहकर कुछ खिला दिया। प्रसाद खाते ही कुछ देर बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह सीट पर ही अचेत होकर गिर पड़ी। इसी दौरान मौका पाकर तांत्रिक ने महिला के पास रखे चार हजार रुपये, चेन और बिछिया-पायल उतार ली और अगला स्टेशन आते ही भीड़ में गायब हो गया।
महिला को बेहोशी की हालत में देखकर पति के होश उड़ गए और डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई। पति ने तत्काल जीआरपी को सूचना दी। ट्रेन के बांदा पहुंचने पर महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। महोबा के रतौली निवासी दिवंगत के पति खिल्लू ने बताया कि चार दिनों तक इलाज चलने के बाद रविवार सुबह उसकी पत्नी शिवानी ने दम तोड़ दिया। (संवाद)