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Banda News: एक व्यापारी की फर्मों को दिया ढुलाई का ठेका, उठान न होने से डेढ़ लाख क्विंटल धान डंप

Mon, 26 Jan 2026 01:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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फोटो- 18 मंडी के विपणन क्रय केंद्र में धान की खरीद करते कर्मचारी। संवाद
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बांदा। जिले में धान खरीद प्रक्रिया एक गंभीर संकट का सामना कर रही है। क्रय केंद्रों से धान का उठान न होने के कारण करीब डेढ़ लाख क्विंटल धान डंप पड़ा हुआ है, जिससे क्रय केंद्रों में धान रखने की जगह तक नहीं बची है। इस अव्यवस्था के कारण धान खरीद बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
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इस वर्ष बांदा जिले में विभिन्न एजेंसियों को 37 हजार मीट्रिक टन, यानी तीन लाख 70 हजार क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया है। विपणन विभाग ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले में 34 क्रय केंद्र खोले हैं। एक नवंबर से शुरू हुई खरीद में अब तक एजेंसियों ने 30 हजार 526 मीट्रिक टन धान खरीदा है। हालांकि, खरीद प्रक्रिया के आरंभ से ही क्रय एजेंसियां धान के उठान में आ रही दिक्कतों से जूझ रही हैं। वहीं, धान के उठान में देरी का दूसरा कारण यह बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने कथित तौर पर मिलीभगत से अतर्रा के एक व्यापारी को तीन फर्मों के माध्यम से धान ढुलाई का ठेका दे दिया है। यह ठेकेदार क्रय केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में ट्रक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप धान का समय पर उठान नहीं हो पा रहा है।
धान खरीद में हो रही देरी और अव्यवस्था के पीछे अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही को मुख्य वजह है। इसमें विपणन विभाग के अधिकारियों ने फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) का ठेका बनारस के एक व्यापारी को दिया है। यह व्यापारी जिले के मिलर्स को पर्याप्त मात्रा में एफआरके उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। एफआरके प्राप्त करने के लिए मिलर्स को बनारस का चक्कर काटना पड़ रहा है, जिसके कारण वे समय पर चावल तैयार नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी नियमों के अनुसार धान उठान के सात दिनों के भीतर मिलर्स को एफसीआई को चावल उपलब्ध कराना होता है। एफआरके की कमी के चलते मिलर्स उतना ही धान उठा रहे हैं, जितना वे समय पर चावल में बदल सकें।
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क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था

मौजूदा समय में क्रय केंद्रों पर लगभग 150 मीट्रिक टन, यानी एक लाख 50 हजार क्विंटल धान डंप पड़ा हुआ है। धान रखने की जगह न होने के कारण क्रय केंद्र प्रभारी दिनभर में केवल एक ट्रैक्टर धान खरीदकर खरीद की खानापूरी कर रहे हैं। क्रय केंद्रों के बाहर दर्जनों धान से लदे ट्रैक्टर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जिससे किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जिला विपणन अधिकारी रामानंद ने कहा है कि मिलर्स को क्रय केंद्रों से धान का उठान करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उपभोक्ता भंडार में ज्वार-बाजरा वितरण की मांग

मटौंध। केंद्रीय उपभोक्ता भंडार में पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्ड धारकों को गेहूं, चावल का निशुल्क वितरण किया जाता है। लेकिन अब राशन कार्ड धारक इनके स्थान पर ज्वार व बाजरा की मांग कर रहे हैं।
कार्ड धारकों जगरूप, राम अवतार, कल्लू, जयराम सिंह, बृजकिशोर, अर्जुन आदि ने जिला पूर्ति अधिकारी से भेंटकर फरवरी माह में गेहूं, चावल के स्थान पर ज्वार और बाजरा वितरण कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि शरद ऋतु में ज्वार, बाजरा सेहत के लिए लाभप्रद होता है। पिछले वर्ष हुआ था वितरण पिछले वर्ष मार्च माह में ज्वार, बाजरा का वितरण किया गया था, लेकिन इस वर्ष अभी तक इसका वितरण नहीं किया गया है। कोटेदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि ज्वार, बाजरा के वितरण के लिए अभी तक कोई सूचना नहीं है, हालांकि हमीरपुर में ज्वार वितरण शुरू किया गया है।
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