बांदा। मंगलवार से शहर में दशहरा मेलों की शुरुआत होगी। करीब एक सप्ताह तक चलने वाले मेले में भीड़ उमड़ेगी। रावण दहन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। सुरक्षा इंतजामों को लेकर सतर्कता जरूरी है। पुतलों में पटाखे लगाए जाने और दहन के समय लोगों की भीड़ जुटने के बावजूद सुरक्षा में लापरवाही हादसे की वजह बन सकती है।
रावण दहन के दौरान अक्सर लोग पुतले के नजदीक तक पहुंच जाते हैं। पटाखों की चिंगारी, पुतले के गिरने और भगदड़ की स्थिति में गंभीर हादसा हो सकता है। सुरक्षा घेरा बनाने और भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रखने में लापरवाही की आशंका बनी रहती है। दशहरा मेले में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी को देखते हुए व्यवस्था पुख्ता करना जरूरी है।
भीड़ नियंत्रण और अग्निशमन की व्यवस्था जरूरी
रावण दहन स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा जाए। भीड़ के प्रवेश और निकास के लिए अलग रास्ते तय हों। पुलिस बल, अग्निशमन उपकरण और एंबुलेंस की व्यवस्था रहे। आयोजकों को पुतले और आतिशबाजी की जांच के साथ सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए निकासी मार्ग खुले रखे जाएं। प्रशासन की निगरानी और समय रहते तैयारियां होने से हादसों की आशंका कम की जा सकती है।