मेगा लोक अदालत में बैंकों ने 600 एनपीए खातों पर लगभग एक करोड़ रुपये की छूट देकर सुलह-समझौता किया।
दीवानी न्यायालय परिसर में बैंकों ने काउंटर खोलकर बकाएदार किसानों, व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों व व्यक्तिगत उद्यमियों से सुलह-समझौता किया। इनमें ऐसे बकाएदार शामिल थे जिनमें कई सालों से लेन-देन न होने से खाते एनपीए हो चुके थे। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में सबसे अधिक 380 कर्जदाराें के ढाई करोड़ बकाए पर 60 लाख रुपये छूट के साथ समझौता हुआ।
इसी प्रकार इलाहाबाद बैंक के 163 खातेदारों के 89 लाख बकाए में 60 लाख रुपये की छूट दी। बैंक आफ बड़ौदा ने छह किसान व दो व्यापारियों को आठ लाख रुपये जमा करा कर 17 लाख की राहत दी। इन पर 25 लाख रुपये की देनदारी थी। यूनियन बैंक में छह कर्जदारों का 3.38 लाख रुपये बकाया था। इनका 1.28 लाख में समझौता हुआ।
सेंट्रल बैंक के बांदा, गिरवां व पैलानी शाखा में 40 कर्जदारों के 35 लाख रुपये बकाया होने पर सिर्फ 18 लाख रुपये और जिला सहकारी बैंक में चार बकाएदार पर 2.8 लाख रुपये की देनदारी पर 57,220 रुपये की छूट दी गई। इस दौरान एलडीएम एसके झा, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय प्रबंधक एके मिश्रा, सलाहकार मुमताज अहमद समेत सभी बैंक अधिकारी व शाखा प्रबंधक मौजूद रहे।