A poor railway underpass of one and a quarter million rupees
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बांदा। रेलवे की गुणवत्तापूर्ण निर्माण की साख पर बट्टा लगा रहा मंडल मुख्यालय का रेलवे का अंडरपास अब जानलेवा हो गया है। किसी भी दिन यहां बड़ा हादसा हो सकता है। इसमें राहगीरों की जान भी जा सकती है। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए इस अंडरपास के लिंक रोड की शिकायतें सांसद से लेकर रेल महाप्रबंधक तक की गई। पर न ठेकेदार का बाल बांका हुआ न सड़क बनी। पौने चार करोड़ लागत का यह निर्माण दो वर्ष भी नहीं टिका। जनप्रतिनिधि भी खामोश हैं।
कचेहरी रेलवे क्रासिंग बंद होने के बाद यहां से कुछ दूर पर स्थित रेलवे क्रासिंग (फाटक संख्या-453) को भी बंद कर दिया गया। इसके नजदीक रेलवे ने 3 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से अंडर ग्राउंड रास्ता बनवा दिया। यह बेहद घटिया बना। मानक की धज्जियां उड़ा दी गईं। गुणवत्ता से भरपूर निर्माण की शोहरत वाले रेलवे की साख पर बदनुमा दाग लगा।
तत्कालीन भाजपा सांसद भैरो प्रसाद मिश्र से इसका 17 जनवरी 2019 को लोकार्पण कराया गया। घटिया निर्माण की शिकायत यहां तीन माह पूर्व निरीक्षण में आए महाप्रबंधक से भी लोगों ने रूबरू की। फिर भी घटिया निर्माण की जांच आदि तो दरकिनार, मरम्मत भी नहीं हुई।
अब इस अंडरपास का रास्ता जानलेवा हो गया है। अंडरपास के लिंक रोड में भारी भरकम गड्ढों में कई कई फीट लंबी सरिया उखड़कर बाहर आ गई हैं। इसमें दो पहिया वाहन फंस कर दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं। गड्ढों में चार पहिया वाहन भी फंस रहे हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता रावेंद्र सिंह भदौरिया रविवार को इस सरिया में उलझ कर बडे़ हादसे से बाल-बाल बचे। उधर, इस बारे में रेलवे के वरिष्ठ मंडल खंड अभियंता एससी गिरि का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से निर्माण कार्य फिलहाल बंद है। लॉकडाउन खत्म होते ही अंडरग्राउंड रास्ता दुरुस्त कराया जाएगा।