बांदा। खैराड़ा क्रॉसिंग के पास प्लांट में हुई फायरिंग की घटना के पीछे पुराना विवाद सामने आया है। घायल मुनीम पुष्पेंद्र सिंह की मानें तो रिश्तों में खटास की शुरुआत चेक बाउंस के मामलों से हुई, जो धीरे-धीरे बढ़कर जानलेवा हमले तक पहुंच गई।
पुष्पेंद्र ने बताया कि उसके भाई ने अपने गांव भरखरी में स्थित पैतृक जमीन पांच लाख रुपये में दीपक गुप्ता के पास गिरवी रखी थी। इसके बदले गारंटी के तौर पर पुष्पेंद्र ने एक ब्लैंक चेक दीपक गुप्ता को दिया गया था। आरोप है कि दीपक ने उसी चेक का दुरुपयोग कर उसे बैंक में लगाकर बाउंस कराया और केस दर्ज करा दिया। हालांकि यह मामला बाद में हाईकोर्ट में खारिज हो गया। इसके बाद विवाद और गहरा गया।
पुष्पेंद्र के मुताबिक दीपक का साथी विनीत शिवहरे ने 25 हजार रुपये के कर्ज की वसूली के लिए दी गई ब्लैंक चेक में कथित तौर पर दो लाख 25 हजार रुपये की राशि भरकर बैंक में प्रस्तुत कर दी, जो बाउंस हो गई। इस मामले की 23 अप्रैल को जिला न्यायालय में तारीख भी लगी थी। पुष्पेंद्र ने यह भी बताया कि उसके मित्र अरविंद पर भी आरोपियों ने चेक बाउंस के कई मामले दर्ज कराए थे। वह खुद उसे हाईकोर्ट ले गया, जहां कुछ मामलों में राहत मिली।
इसी बात से नाराज सभी लोगों ने करीब 10 दिन पहले बसी उल्ला के माध्यम से कोर्ट परिसर में एक दर्जन लोगों के साथ उसे देख लेने की धमकी दी थी। घायल का कहना है कि लगातार बढ़ते विवाद और धमकियों के बाद ही उस पर हमला कराया गया। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि मामले के पीछे आर्थिक विवाद और पुरानी रंजिश निकल कर आ रही है। जिसकी जांच कराई जा रही है, जल्द ही सच्चाई सामने लाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।