बांदा। जिले में व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू तो हो गई, लेकिन अभी यह सिर्फ नियमित उपभोक्ताओं के लिए ही है। जिले में व्यावसायिक सिलिंडरों के 1900 उपभोक्ता हैं। इनमें से टॉप टेन की श्रेणी बनाकर सिलिंडर दिया जा रहा है। पिछले दो दिन के अंतराल में आराधना गैस एजेंसी में 74 व विंध्यवासिनी एजेंसी मटौंध में सिर्फ 24 व्यावसायिक सिलिंडर ही मिले हैं। इससे चाट ठिलिया, खोमचे दुकानदार अब भी घरेलू गैस सिलिंडर दो हजार रुपये देकर ब्लैक में खरीदने को मजबूर हैं।
जिले में घरेलू गैस सिलिंडरों के साथ-साथ व्यावसायिक सिलिंडरों की खासी मांग है। कंपनियों ने जिले में व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी है, लेकिन एजेंसी संचालक नियमित उपभोक्ताओं को श्रेणी बनाकर व्यावसायिक सिलिंडर दे रहे हैं। एजेंसी संचालकों का कहना है कि कंपनी की ओर से गिनती के व्यावसायिक सिलिंडर दिए जा रहे हैं। इससे उन्हें श्रेणी बनानी पड़ रही है।
दूसरी तरफ चाट दुकानदार रमेश ने बताया कि उनका व्यावसायिक सिलिंडर का कनेक्शन नहीं है। आजीविका चलाने के लिए उन्हें घरेलू गैस सिलिंडर ही ब्लैक में खरीदना पड़ रहा है। यह सिलिंडर विभिन्न एजेंसियों के हॉकर किसी भी उपभोक्ता की डिलीवरी रोककर उन्हें उपलब्ध करा देते हैं।
व्यावसायिक सिलिंडरों की आवक शुरू है। शुरुआती दौर में टॉप टेन की कैटेगरी बनाकर नियमित उपभोक्ताओं को ही सिलिंडर दिए जा रहे हैं। कंपनी की ओर से उन्हें गिनती में सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
रामेंद्र शर्मा
संचालक, आराधना इंडेन गैस सर्विस, बांदा
व्यावसायिक सिलिंडर की खेप आनी शुरू हो गई है। उनकी एजेंसी में 24 सिलिंडरों की खेप मिली है। उपभोक्ताओं को सिलिंडर दिए जा रहे हैं। नए कनेक्शन भी किए जा रहे हैं।
समीर सिंह
विंध्यवासिनी इंडेन गैस एजेंसी, मटौंध।
व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति जिले में शुरू है। एजेंसी संचालक अपने हिसाब से जरूरतमंद दुकानदारों को सिलिंडर दे रहे हैं। सिलिंडर की उपलब्धता पर ही नियम बनाया गया है।
क्यामुद्दीन अंसारी
जिला पूर्ति अधिकारी, बांदा
फोटो - 12 विंध्यवासिनी गैस एजेंसी के डिलीवरी प्वाइंट में सिलिंडर के लिए खड़े उपभोक्ता। संवाद
फोटो - 12 विंध्यवासिनी गैस एजेंसी के डिलीवरी प्वाइंट में सिलिंडर के लिए खड़े उपभोक्ता। संवाद