बांदा। अंग्रेजों के समय बनी यहां की जेल पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। महिला व पुरुष कैदियों की संख्या क्षमता से अधिक है। नई जेल के लिए शीघ्र प्रस्ताव मंगाया जाएगा और जमीन का इंतजाम होते ही शहर के बाहर आधुनिक सुविधाओं से लैस जेल बनाई जाएगी। ये बातें रविवार को खाद्य एवं कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी ने रविवार को सर्किट हाउस में ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में कहीं।
मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड से उनका विशेष लगाव रहा है। इसलिए यह क्षेत्र भी उनकी प्राथमिकताओं में है। चित्रकूट में जेल का निर्माण कर चल रहा है। वहां की जेल बनकर तैयार हो जाने के बाद बांदा के आधे कैदी चित्रकूट चले जाएंगे। इससे यहां की व्यवस्था ठीक हो जाएगी। उनकी कोशिश है जेल में बंदियों को अच्छा भोजन व साफ-सुथरा माहौल मिले। जेल में अधिकारियों व बंदी रक्षकों की कमी के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पूरे सूबे में खाद्य विभाग व जेल में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी है। शीघ्र ही इन विभागों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एक सवाल के जवाब में खाद्य व कारागार राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस बार गेहूं की लक्ष्य से अधिक खरीद की है। विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से खरीदे गए गेहूं का सुरक्षित भंडारण किया जा चुका है। जहां-तहां नए गोदाम भी बनाए गए हैं। गेहूं की अधिकता को देखते हुए कोटेदारों को दो-दो माह का स्टाक दिया गया। एपीएल कार्डधारकों को हर माह 20-20 किलो गेहूं दिया जाएगा।