बांदा। अपराध रोकने को पुलिस अब संभ्रांत नागरिकों से सुझाव व सहयोग लेगी। थानाध्यक्षों व उप निरीक्षकों को इसके निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने सख्त लहजे में मातहतों से कहा कि अपराधियों पर कहर बनकर टूट पड़ो। उन्होंने जनता के मिलने के लिए निर्धारित समय पर पुलिस कार्यालयों में एक महिला सिपाही तैनात रखने के भी निर्देश दिए हैं।
पुलिस लाइन सभागार में रविवार को पुलिस की अपराध समीक्षा गोष्ठी हुई। पुलिस अधीक्षक ज्ञानेश्वर तिवारी ने कहा कि अपराधियों को कतई न बख्शें। भय बनाएं, ताकि वह जनपद से बाहर भाग जाएं। वाहन चोरी, लूट, नकबजनी, चेन स्नेचिंग, महिलाओं से छेड़खानी आदि अपराधों को रोकने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाएं। घटना के मुताबिक पुलिस ड्यूटियां तय करें। क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी अपने क्षेत्रों के संभ्रांत नागरिकों से जरूर राय-मशविरा करें। कोई निरोधात्मक कार्रवाई किसी के दबाव या राजनैतिक विद्वेष न करें। गांवों व मोहल्लों में विवाद व रंजिशों का चिह्नीकरण करके निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। एसपी ने कहा कि सभी सिपाही सम्मन, जमानती वारंट व प्रार्थना पत्र लेकर अपनी वीट में जाएंगे और वीट बुक तैयार करेंगे।
पुलिस अधीक्षक ने जनता से मिलने के समय पर पुलिस कार्यालय में एक महिला कांस्टेबिल तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। कहा कि महिला फरियादी अपनी समस्याएं नि:संकोच बता सकें। उन्होंने नाकाबंदी कर चेकिंग करने को भी कहा। इसके पूर्व पुलिस कर्मियों का सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें एसपी श्री तिवारी ने पुलिस कर्मियों की समस्याएं सुनीं। शाखा प्रभारियों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक स्वामी प्रसाद सहित सभी क्षेत्राधिकारी उपस्थित रहे।