घर में आग लगाने पर तीन वर्ष कैद
बांदा। घर में आग लगा देने के जुर्म में अदालत ने आरोपी को तीन साल की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम पीड़ित को दी जाएगी।
देहात कोतवाली क्षेत्र के कुल कुम्हारी गांव के राधेश्याम काछी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 17 जून 2010 को वह और उसका भाई दरवाजे पर सो रहे थे। आधी रात के बाद करीब डेढ़ बजे इसी गांव का परसादी लाल पुत्र भोंदू यादव आया और मिट्टी का तेल डालकर उसके मकान में आग लगा दी। दोनों भाइयों ने उसे यह करते देख लिया। लेकिन डर की वजह से शोर नहीं मचाया। पुलिस ने धारा 436 आईपीसी का मुकदमा दर्ज किया और विवेचना के बाद अदालत ने चार्ज सीट दाखिल कर दी। सहायक शासकीय अधिवक्ता मिस्कीन अली ने 9 गवाह पेश किए।
सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) संजय सिंह ने इस मुकदमे का फैसला सुनाते हुए अभियुक्त परसादी लाल को तीन वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपया पीड़ित राधेश्याम को देने के आदेश दिए। दोषी अभियुक्त को अंतरिम जमानत भी मंजूर कर दी। एक हजार रुपये अभियुक्त ने अदालत में जमा कर दिए।