बांदा। चर्चित सपा नेता बादल खां हत्याकांड मामले में चश्मदीद गवाह और घटना के समय सपा नेता की जीप चला रहे ड्राइवर ने लगभग डेढ़ माह के बाद मंगलवार को एसीजेएम प्रथम के समक्ष धारा 164 सीआरपीसी के तहत कलम बंद बयान दर्ज कराए। इसके पूर्व एसपी को शपथ पत्र देकर यह बयान दिलवाने का अनुरोध किया।
मटौंध सपा नगर अध्यक्ष बादल खां की क्योटरा मोहल्ले में गोलियां मारकर उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह स्कार्पियों पर वापस मटौंध जा रहे थे। स्कार्पियो उनका चालक सरताज खां (निवासी सिरसी कलां, महोबा) चला रहा था। सपा नेता के साथ बैठे उनके मुंशी पंकज शुक्ला की भी साथ ही में हत्या कर दी गई थी। बादल की पत्नी शाहजहां ने जितेंद्र सिंह (क्योटरा) और छोटे खां (मटौंध) तथा दो अज्ञात के खिलाफ अपने पति की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। यह सभी आरोपी अब जेल में हैं।
मंगलवार को एसपी को हलफनामा देकर चालक सरताज खां ने कहा कि अभियुक्त आए दिन उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। लिहाजा वह बिना किसी दबाव के बयान देना चाहता है। एसपी के आदेश पर कोतवाली के एसएसआई केबी सिंह पुलिस फोर्स के साथ ड्राइवर सरताज को लेकर एसीजेएम प्रथम संजय मिश्रा की अदालत लाए। यहां बयान दर्ज होने के बाद अदालत के आदेश पर सरताज को मृतक बादल खां के भाई इकबाल खां की सुपुर्दगी में दे दिया गया।