बांदा। मानसूनी बारिश आने में कुछ दिन शेष हैं। लेकिन प्री-मानसून बारिश ने पालिका के सफाई के दावों की पोल खोल दी। नगर में ज्यादातर नाले कचरा से पटे हैं। कुछ नालों की पालिका कर्मियों ने सफाई कराई है। लेकिन कचरा सड़क में डालने के बाद उठाया नहीं गया। करीब सप्ताह भर से मुख्य मार्ग पर यह कचरा सड़कों पर फैलकर बजबजा रहा है। पिछले सप्ताह बैठक में सफाई को लेकर डीएम की चेतावनी पालिका अधिकारियों पर बेअसर है।
शहर में छोटे-बड़े कुल 40 नाले व नालियां हैं। इनकी सफाई के लिए पालिका ने अभी तक कोई रोस्टर तक नहीं जारी किया है। जबकि मानसूनी बारिश आने में चंद घंटे ही शेष हैं। इनमें पंकज व निम्नी बड़े नाले हैं और दोनों कचरों से पटे हैं। सप्ताह भर पूर्व नगर पालिका ने कालूकुआं स्थित फतेहपुर मार्ग पर नालों की सफाई में तत्परता दिखाई, लेकिन कचरा निकालकर सड़क पर लगा दिया गया। इसके बाद से यह कचरा पूरे सड़क में फैल रहा है। लेकिन न अधिकारियों को और नहीं सफाईकर्मचारियों को इसकी फिक्र है। सारा कचरा फिर उसी नाले में समा रहा है। गंदगी से संक्रामक बीमारियां पनप रही हैं। कालूकुआं निवासी व्यवसायी रामभवन ने बताया कि हर साल पालिका का यही तमाशा रहता है। कचरा न उठाने से नाला सफाई कराने न कराने से कोई लाभ नहीं है। शिवलोचन कुशवाहा ने कहा कि सड़क पर कचरे के सड़ांध ने जीना मुश्किल कर दिया है। गौरतलब है कि डीएम ने बीते मई माह में पालिका अधिकारियों की बैठक में बारिश के पूर्व नाला सफाई कराने तथा कूड़ा उठाने के निर्देश दिए थे। उनका यह आदेश पालिका अधिकारियों के लिए बेअसर है। इस बाबत नगर पालिका अधिशासी अधिकारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ।