बांदा। जिला अधिवक्ता संघ ने हड़ताल के दौरान अदालतों में कामकाज करने वाले अधिवक्ताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। निगरानी के लिए 9 सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है।
महासचिव जयराज सिंह ने कहा है कि संघ द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के अनुपालन और बार कौंसिल (उत्तर प्रदेश) द्वारा अधिवक्ता संघों से न्यायिक कार्यों से विरत रहने के आह्वान पर यह निर्णय लिया गया है। नजर रखने के लिए 9 सदस्यीय निगरानी समिति गठित की गई है। निर्णय का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिवक्ता को संघ से दी जाने वाली सभी आर्थिक सहायता व अन्य सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। निगरानी समिति में वरिष्ठ अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह, रमाकांत द्विवेदी, इकबाल बहादुर सिंह, शिवनायक सिंह, सौमित्र तिवारी, चुनूबाद प्रसाद, फहीम खां, जागेश्वर यादव व धर्मराज साहू आदि शामिल हैं। महासचिव ने बताया कि हड़ताल खत्म करने के संबंध में बैठक को लेकर सौमित्र तिवारी द्वारा दिया गया पत्र कोरम पूरा न होने पर निरस्त किया जा चुका है।
उधर, अधिवक्ता संघ कार्यकारिणी सदस्य सौमित्र तिवारी ने अध्यक्ष व सचिव को दिए पत्र में कहा है कि सभी पदाधिकारियों व सदस्यों को विश्वास में लेकर काम किया जाए। चंद लोगों के कहने पर महत्वपूर्ण निर्णय न लिए जाएं। आम सभा की बैठक में दिए गए पत्र में 35 अधिवक्ता व 6 कार्यकारिणी सदस्यों के हस्ताक्षर थे। इसके बावजूद कोरम पूरा न होने का बहाना बनाकर बैठक नहीं बुलाई गई। शनिवार को उन्होंने दोबारा 60 अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर युक्त पत्र दोबारा सौंपा है।