बबेरू। दो किशोरों को साइकिल और रुपये दिलाने का लालच देकर बहला-फुसलाकर अगवा कर ले जा रहे साधुवेशधारी को ग्रामीणों ने दबोच लिया। धुनाई करने के बाद उसे पुलिस को सौंप दिया। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने साधु को जेल भेज दिया।
कोतवाली क्षेत्र के पतवन गांव के मजरा भदौहा डेरा निवासी मनीष (13) पुत्र रणधीर व विनय कुमार (12) पुत्र अभय कुमार शुक्रवार को दोपहर घर से कुछ दूर खेल रहे थे। साधुवेशधारी ने खेल रहे दोनों बालकों को दान में साइकिल व रुपए दिलाने का लालच देकर अपने गांव सांड़ा ले जाने लगा। अगवा करने की सूचना पर गांव के तमाम लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने दो टीमें बनाकर बच्चों की तलाश शुरु कर दी। अरमार गांव की नहर पटरी के पास ग्रामीणों ने साधू को दबोच लिया। उसके चंगुल से दोनों बच्चों को ग्रामीणों ने आजाद करा लिया। ग्रामीणों ने साधू की जमकर धुनाई की और कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। ग्रामीणों ने साधू का नाम लालबाबू उर्फ ननकवा विश्वकर्मा पुत्र रामपाल बताया है। वह मरका थाना क्षेत्र के सांड़ा गांव का रहने वाला है। उधर, बालक मनीष के पिता रणधीर सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने ढोंगी साधु के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। मनीष व विनय चचेरे भाई हैं।