बांदा। मौसम की मार से मटियामेट हुए अधिकांश खेतों में बची-खुची फसलों को लेकर लूटमार जैसे हालात हैं। बची फसलों को दबंगों ने जबरन कटवाकर हड़पना शुरू कर दिया है। प्रशासन और पुलिस में रोज ऐसे मामलों की शिकायतों की भरमार है। दबंगई की शिकार ज्यादातर विधवाएं और निरीह लोग हो रहे हैं।
पिछले माह ओला और बारिश ने फसलों को मिट्टी में मिला दिया है। नाम मात्र को ही अनाज बचा है। ऐसे में अपनी जरूरत पूरी करने के लिए दबंग आसपास के खेतों में गिद्ध दृष्टि गड़ाए हुए हैं। ‘जिसकी लाठी, उसी की भैंस’ तर्ज पर फसलें खेतों पर ही लूट ली जा रही हैं। कहीं तो दबंग असलहों की नोंक पर दूसरों की फसल हड़प रहे हैं। पुलिस ऐसे मामलों को नजर अंदाज कर रही है। उधर, पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने दबंगों द्वारा निरीह लोगों की फसलों पर की जा रही लूटमार को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्षों को दबंगों पर कार्रवाई करने और फसल वापस दिलाने के आदेश दिए हैं। उधर, जिलाधिकारी ने भी ऐसी शिकायतों पर लिखा है कि पुलिस अधिकारी ऐसे मामलों में गंभीरता, और संवदेनशीलता बरतते हुए कार्रवाई करें।
केस-1
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बांदा शहर के क्योटर (हरदौली रोड) निवासी गोमती ने बताया कि उसके12 बीघा खेत में खड़ी चना, गेहूं और सरसों की फसल कनवारा गांव के चार दबंगों ने रातोंरात जबरन कटवा ली। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। लगभग दो लाख रुपये की फसल उठा ले गए। पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
केस-2
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बबेरू थाना क्षेत्र के कुचेंदू गांव में विधवा रामरती ने बताया कि उसके 20 बीघा खेत में चना, गेहूं, मसूर की फसल दबंग काट ले गए। इसमें उसका बटाईदार भी शामिल है। फसल तैयार करने में बीज के अलावा लगभग 30 हजार रुपये खर्च हुए थे। तकरीबन ढाई लाख रुपये की फसल दबंगों ने हड़प ली। पुलिस और अफसरों से की गई फरियाद बेअसर रही।
केस-3
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मटौंध थाना क्षेत्र के खहरा गांव की विधवा शिवप्यारी ने बताया कि 8 बीघा खेत में उसने चना और गेहूं की बुआई कराई थी। अब जब फसल तैयार हो गई। तो दो दिन पूर्व दबंग असलहों के बल पर फसल काट ले गए। विरोध करने पर उसकी पिटाई भी की। थाने में शिकायत की गई। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।