बांदा। सिलाई केंद्रों का संचालन और रोजगार दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों को ठगने वाले का भांडा फूट गया। ठगी का शिकार हुए बेरोजगारों ने नाटकीय ढंग से उसे दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। बेरोजगाराें की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मुकदमा भी दर्ज किया जा रहा है। धोखाधड़ी का शिकार होने वालों में अधिवक्ता भी शामिल हैं।
बांदा निवासी अधिवक्ता धनंजय सिंह, संतोष कुमार शुक्ल, वीपेंद्र सिंह, आरिफ खां और नंदकिशोर शुक्ल आदि ने सोमवार को कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि हमीरपुर जनपद के मोराकादर गांव निवासी वीर सिंह पुत्र रघुराज सिंह ने पर्यावरण फाउंडेशन नामक संस्था के नाम पर सिलाई केंद्रों का कार्यक्रम चलाने के लिए 120 महिलाओं से 250-250 रुपये (कुल 30 हजार रुपये) वसूले। इसी तरह सिलाई केंद्र के ब्लाक अधिकारी नियुक्त करते हुए 8 लोगों से 650-650 रुपये प्रति व्यक्ति (कुल 5200 रुपये) ऐंठ लिए। इसके अलावा सिक्योरिटी मनी के रूप में 10 हजार और ब्यूटीशियन कोर्स के नाम पर 12 लड़कियों से 750 रुपये प्रति लड़की की दर से कुल 9 हजार रुपये वसूले। इनके संचालन के लिए 20 हजार सिक्योरिटी मनी और सिलाई मशीन देने का झांसा देकर 20 हजार रुपये और जमा करा लिए।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पैसा ऐंठ लेने के बाद वीर सिंह उन्हें झांसा देता रहा। पता करने पर मालूम हुआ कि उसका पता भी झूठा है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि ठगी बांदा के साथ-साथ हमीरपुर, चित्रकूट, फतेहपुर, ललितपुर और महोबा जनपदों में भी की गई है। बताया कि संस्थाओं में पता करने पर जानकारी हुई कि वहां कोई फार्म या पैसा नहीं जमा हुए हैं। पीड़ितों ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई और वसूला गया पैसा वापस दिलाने की मांग की।
उधर, कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक केवी सिंह ने बताया कि आरोपी और संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके पूर्व ठगी का शिकार हुए लोगों ने वीर सिंह को रेलवे स्टेशन में दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। उसके पास हजारों की तादाद में आवेदन पत्र बरामद हुए। पर्यावरण फाउंडेशन के नामांकन फार्म में कुल 1260 रुपये लिए जाने का प्रावधान दर्ज है।