बांदा। कौशल विकास मिशन योजना में शहरी क्षेत्र में अब तक 560 अभ्यर्थियों ने विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण के लिए आवेदन किया है। इनमें बालिकाओं की संख्या 400 से ज्यादा है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद हार्ड कापी जमा करने के नाम पर डूडा में 50 से 100 रुपये वसूले जा रहे हैं।
शासन की मंशा है कि 14 से 35 वर्ष के युवक-युवतियों के लिए नि:शुल्क पंजीकरण और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाए। इसमें अभ्यर्थी 34 क्षेत्रों के 283 पाठ्यक्रमों में अपने पसंद का विषय चयनित कर सकते हैं। प्रशिक्षण में मूल पाठ्यक्रम के साथ सभी अभ्यर्थियों को अंग्रेजी बोलने और कंप्यूटर की सामान्य जानकारी भी दी जानी है। प्रशिक्षण उच्चस्तरीय निजी और सरकारी प्रशिक्षण संस्थाओं द्वारा दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद एनसीवीटी, एनएसडीसी आदि संस्थाएं अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र देंगी। रोजगार के लिए सरकार अनुदान पर ऋण भी मुहैया कराएगी।
रोजगार की तलाश में भटक रहे शिक्षित युवा और युवतियों में ऑनलाइन पंजीकरण कराने की होड़ सी है। नगरीय विकास प्राधिकरण (डूडा) में अब तक शहर क्षेत्र के 570 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया है। इनमें बालिकाओं की तादाद 400 है। युवक 170 हैं। ऑनलाइन फार्म भरने के बाद हॉर्ड कॉपी लेकर डूडा दफ्तर आईं अभ्यर्थी अर्चना, मोहिनी जैन, प्रवीण जैन, कंचन प्रजापति, दीन परवीन, उजमा खान, सुमन धुरिया, प्रियंका वर्मा, संगीता धुरिया, पलक गुप्ता ने लिपिक द्वारा अवैध वसूली की बात स्वीकार की।
नामांकन के लिए जरूरी कागजात
प्रशिक्षण के लिए नामांकन पूरी तरह नि:शुल्क है। शहरी क्षेत्र के अभ्यर्थी पंजीयन के लिए अपने साथ पहचान पत्र, निवास प्रमाणपत्र, आयु प्रमाणपत्र, शैक्षिक प्रमाणपत्र, शैक्षिक प्रमाणपत्र साथ लाएं। बीपीएल कार्ड, गरीबी रेखा का आय,ेेे निर्माण श्रमिक पंजीकरण संख्या, बेरोजगारी भत्ता पंजीकरण संख्या व बैंक खाता विवरण देने पर नामांकन में वरीयता मिलेगी।
जांच के बाद होगी कार्रवाई : एपीओ
बांदा। सहायक परियोजना अधिकारी (डूडा) अबरार अहमद ने बताया कि पंजीयन व आवेदन जमा करने में अभ्यर्थियों से वसूली के आरोपों की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, बाबू ने बताया कि जो अभ्यर्थी खुद ऑनलाइन फार्म नहीं भरते उनसे 50 रुपये लिए जा रहे हैं।