बांदा। पीएसी और पुलिस का पहरा हटते ही मंडल मुख्यालय की नाक तले पथरिया घाट और राजघाट में अवैध खनन फिर शुरू हो गया।
दोनों खदानों में डीएम के आदेश पर पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई थी। नतीजे में कुछ दिन के लिए अवैध खनन थम गया। इस बीच ‘पहरा’ हटने के बाद बालू माफिया कमाई के चक्कर में फिर हावी होने लगे हैं। कई दिनों से राजघाट में नदी किनारे कगारों को ध्वस्त कर रात-दिन बालू निकाली जा रही है। पथरिया घाट में भी बालू का अवैध खनन हो रहा है। शुक्रवार की रात क्षेत्राधिकारी आशुतोष शुक्ल और खनिज अधिकारी ने छापे मारकर बालू खनन होते पकड़ा था, लेकिन बाद में सबकुछ रफा-दफा हो गया। क्षेत्राधिकारी का कहना है कि सिर्फ बजरंग पुरवा से डंप बालू निकाली जा रही है। अवैध खनन से उन्होंने इनकार किया। कहा कि इसकी सूचना मिलने पर वह छापा मारेंगे और अवैध खनन वालों पर कार्रवाई करेंगे।
उधर, पथरिया घाट में रात को मारे गए छापे में पुलिस ने आठ बालू भरे ट्रैक्टर पकड़े। ट्रैक्टर चालक और खनन कराने वाले कारोबारी भाग निकले। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि ट्रैक्टरों के नंबर के आधार पर उनके मालिकों की तलाश की जा रही है। उन पर बालू चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है।