बांदा। व्यक्ति को शारीरिक विकलांगता नहीं योग्यता पर ध्यान देना चाहिए। शारीरिक विकलांगता किसी भी कार्य में बाधक नहीं होती है। ये बातें मनोवैज्ञानिक डॉ.आलोक मिश्र ने युग दृष्टि संस्था की ओर से शनिवार को जीआईसी मैदान में विकलांगता जांच शिविर को संबोधित करते हुए कहीं।
दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव भरत पाठक ने कहा कि सेवा का क्षेत्र कठिन है, लेकिन हमें करना होगा। विकलांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष केके दीक्षित ने कहा कि सेवा करना मनुष्य का पहला कर्तव्य होना चाहिए। राष्ट्रीय महासचिव राजकुमारी ने कहा कि नि:शक्तजन महिलाओं और छात्राओं के सुविधाओं के लिए लोग आगे आएं। संस्थाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने जिले में 38 हजार नि:शक्तजनों में 75 फीसदी सुविधाओं से वंचित हैं। चिह्नितों को उपकरण 29 अक्तूबर को बांटे जाएंगे। शिविर को उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष मनोज जैन, रामेश्वर गुप्ता, उमाशंकर पांडेय व विकलांग पुनर्वास केंद्र कानपुर के संयुक्त निदेशक आरआर मिश्रा, सुकन्यराज हुंडिया ने भी संबोधित किया। शिविर की शुरूआत अपर आयुक्त देवीदास ने दीप जलाकर की। पूर्व मंत्री शिवशंकर पटेल, पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन, राम त्रिपाठी, शैलकुमारी, राजेंद्र रावत, आनंद कुमार आदि मौजूद रहे।