बांदा। दिमागी बुखार से मरने का सिलसिला थम नहीं रहा। इलाज के दौरान पांच वर्षीय एक और बालक ने दम तोड़ दिया। जुलाई से अब तक बुखार व डायरिया से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों की संख्या में मरीज भर्ती हैं।
अतर्रा कस्बा निवासी भरतलाल ने अपने पुत्र अजय को मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बुधवार को रात में उसकी मौत हो गई। बुखार से पीड़ित मीरा (26) गिरवां, मोहनी (2) इटरा (बिसंडा), गीता (14) खुटला, बाबूलाल (75) बांधापुरवा, चुन्नू (35) नरैनी समेत 15 लोगों को जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया।
उधर मौसमी बीमारियां फैलने से पशुपालक भी परेशान हैं। गलाघोंटू, खुरपका, मुंहपका, लंगड़िया बुखार जैसी बीमारियां फैली हैं।