बांदा। हत्या के मामले में अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
बदौसा थाना क्षेत्र के पौहार गांव निवासी राजा आरख पुत्र गोपला की 23 जुलाई 2010 को कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी रानी ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट मेें कहा था कि कई साल पहले राजा गांव के रामभवन आरख की पत्नी को भगा ले गया था। इसी बात को लेकर रामभवन उससे रंजिश मानता था। 23 जुलाई 2010 को उसका पति राजा गांव में भारत पुत्र भउवा आरख के मकान में ताश खेल रहा था। अचानक रामभवन वहां हाथ में कुल्हाड़ी लिए पहुंचा और राजा के सिर पर ताबड़तोड़ कुल्हाड़ी से वार किया। घटनास्थल पर ही राजा की मौत हो गई।
विवेचना अधिकारी ने जांच के बाद रामभवन के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम डॉ. गोकुलेश कुमार शर्मा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता मूलचंद कुशवाहा व शिवभूषण वर्मा ने पांच गवाह पेश किए। दोनोें पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस और पत्रावली के साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने रामभवन को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। फैसले के बाद अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।