बांदा। सिटिंग सांसद को मात देकर लोकसभा चुनाव का टिकट हासिल करने वाले श्यामाचरण गुप्त का कहना है कि सपा में किसी का टिकट भले ही कट जाए, पर सम्मान में कमी नहीं आती। वे खुद इसकी बानगी हैं। पिछली बार उनका टिकट कट गया, लेकिन सम्मान बरकरार रहा। रूठों को मना चुनाव जीतने की उम्मीद संजोए श्यामाचरण का दावा है कि वे इस बार 3 लाख वोट हासिल करेंगे।
सांसद आरके सिंह पटेल को पुन: टिकट की घोषणा के चंद दिनों बाद ही सपा हाईकमान ने सोमवार को पासा पलटकर टिकट श्यामाचरण की झोली में डाल दिया। वर्ष 2004 में आरके सिंह पटेल ने श्यामाचरण से टिकट छीना था। श्यामाचरण ने बताया कि उन्होंने इस बार हाईकमान से बांदा या फूलपुर से टिकट मांगा था, लेकिन प्राथमिकता बांदा को दी थी। पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने उन्हें बांदा से टिकट दिया। हालांकि पिछला चुनाव वे फूलपुर से लड़े थे और महज 13 हजार वोटों से हारे थे। उन्होंने कहा कि सांसद आरके सिंह पटेल के सम्मान में कोई कमी नहीं आएगी। उनको कहीं न कहीं समायोजित करने के लिए मैं नेता जी से अनुरोध करूंगा।
श्री गुप्त ने कहा कि पार्टी मुखिया के जन्मदिन के बाद वे चुनाव प्रचार शुरू करेंगे। पहले चरण में पार्टी के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और सहयोगियों से मुलाकात करेंगे। उन्हें अपने सांसद कार्यकाल में कराए गए कामों पर भरोसा है। अपनी उपलब्धियों में वे राजापुर में यमुना नदी पर पुल, फतेहगंज में रपटा, चित्रकूट में हवाई पट्टी, मानिकपुर को तहसील का दर्जा, चित्रकूट को 24 घंटे बिजली इत्यादि गिनाते हैं। उनका कहना है कि आगे मौका मिला तो दोनों जनपदों (बांदा-चित्रकूट) में संपर्क मार्गों का निर्माण, विद्युतीकरण और औद्योगिकीकरण प्राथमिकता होगी।