बांदा/नरैनी। बालू से ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने पहुंचे एआरटीओ मात्र तीन डंफर सीज करने के बाद उल्टे पांव लौट आए। हालांकि उनके सामने बड़ी संख्या में ओवरलोड ट्रकों की भरमार थी। उधर, अवैध खनन और ओवरलोडिंग में पुलिस कर्मियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
नरैनी क्षेत्र के सरहदी घाट बारबंध खदान की बालू नसेनी (बांदा) से निकाली जा रही है। बालू माफियाओं ने केन नदी की जल धारा पर पुल बना रखा है। शुक्रवार को करीब पांच बजे एआरटीओ नसेनी गांव पहुंचे। यहां फर्जी रवन्ना के सहारे ओवरलोड बालू लादकर जा रहे तीन डंफर पकड़ लिए और सीज कर दिए लेकिन वहीं पर खड़े एक दर्जन से ज्यादा ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई नहीं की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इसी दौरान एआरटीओ के मोबाइल पर किसी का फोन आ गया। कुछ देर बात करने के बाद एआरटीओ उल्टे पांव लौट गए। यह फोन किसी नेता का बताया जा रहा है।
उधर, स्वयंसेवी संगठन प्रवास के आशीष सागर ने आरोप लगाते हुए कहा है कि खाकी वर्दी के पहरे में ही अवैध खनन और ओवरलोडिंग हो रही है। पुलिस प्रशासन मूक तमाशाई बना हुआ है। सत्ता के आगे प्रशासन और खनिज विभाग लाचार है। आशीष सागर ने यह भी आरोप लगाया कि खनन के लिए पर्यावरण मंत्रालय की एनओसी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुलेआम अवहेलना हो रही है। बाईपास व नदी घाटों पर सिपाही वसूली कर रहे हैं। नेताओं की शह शामिल है। उधर, बदौसा थाना क्षेत्र के पहाड़िया बुजुर्ग गांव निवासी रामनरेश त्रिपाठी ने उच्चाधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि भदावल गांव में अवैध खनन हो रहा है। एसडीएम और थानाध्यक्ष को कई बार सूचना दी जा चुकी है पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। अवैध खनन रोका नहीं गया तो वह 20 नवंबर से धरना और प्रदर्शन शुरू करेंगे।
दूसरी ओर सपा जिला सचिव शरद यादव ने आरोप लगाया है कि ओवरलोड ट्रकों से पुलिस कर्मी अवैध वसूली कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को वह कुछ कार्यकर्ताओं और मीडिया वालों के साथ राजा देवी डिग्री कालेज के पीछे गए थे। वहां ओवरलोड ट्रकों से कुछ पुलिस कर्मी वसूली कर रहे थे। सपाइयों को देखकर पुलिस कर्मी खिसक लिए। सपा नेता ने कहा है कि इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।