बांदा। बुंदेलखंड को सौर ऊर्जा के लिए शासन ने खास रियायत दी है। ‘उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति 2017’ को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद शासनादेश जारी कर इस पर अमल शुरू हो गया है। शासन ने कहा है कि बुंदेलखंड क्षेत्र सौर ऊर्जा उत्पादन के अत्यंत उपयुक्त है। यहां अधिकांशत: सौर विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने की संभावना है। यहां पांच मेगावाट या इससे अधिक क्षमता की प्रस्तावित सोलर पावर परियोजनाओं के ग्रिड कनेक्शन के लिए ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण प्रदेश सरकार अपने खर्च पर कराएगी।
प्रदेश के प्रमुख सचिव आलोक कुमार द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि उत्पादित सौर ऊर्जा को बुंदेलखंड से प्रदेश के अन्य भागों में आपूर्ति किया जा सकता है। इससे ट्रांसमिशन (पारेषित) लाइनों पर आने वाली लागत कम होगी। सौर ऊर्जा का उपयोग बुंदेलखंड में ही हो सकेगा। बुंदेलखंड में रोजगार सृजन के लिए उद्योग की स्थापना करने पर आपूर्ति की जाने वाली बिजली पर उचित रूप से रियायती (अनुदानित) टैरिफ दिया जाएगा।
शासनादेश में यह भी कहा गया है कि बुंदेलखंड और पूर्वांचल में सौर ऊर्जा की पांच मेगावाट या इससे अधिक क्षमता की प्रस्तावित सोलर पावर परियोजनाओं के ग्रिड संयोजन (कनेक्शन) के लिए ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण में आने वाला खर्च राज्य सरकार उठाएगी। पांच से 10 मेगावाट क्षमता की परियोजना के लिए 10 किलोमीटर, 10 से 50 मेगावाट क्षमता वाली सौर परियोजना के लिए 15 किलोमीटर और 50 मेगावाट के लिए 20 किलोमीटर तक की ट्रांसमिशन लाइन डाली जाएगी। सौर ऊर्जा नीति में यह भी शामिल किया गया है कि प्रदेश में नहरों पर वृहद सौर परियोजनाओं की स्थापना की संभावनाओं के मद्देनजर सिंचाई विभाग द्वारा चिह्नित की गई नहरों के ऊपर सौर पावर परियोजना लगाई जाएगी। परियोजना का आवंटन और नवीनीकरणी ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार आमंत्रित किए गए प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग के माध्यम से किया जाएगा।
संस्थानों को बढ़ावा, स्टांप में 100 प्रतिशत छूट
बांदा (ब्यूरो)। सौर ऊर्जा परियोजना में प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व अर्द्धसरकारी संस्थान, सरकारी स्वैच्छिक संस्थान, सहायता प्राप्त संस्थान के कार्यालय भवनों में कैपटिव उपयोगार्थ सोलर फोटोवोल्टाइक पावर प्लांट की नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा। सौर ऊर्जा इकाइयों की स्थापना के लिए स्टांप शुल्क में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इलेक्ट्रिकसिटी ड्यूटी से 10 वर्ष की छूट मिलेगी। इन संस्थानों पर थर्ड पार्टी (रेस्को मोड) द्वारा रूफटाप पावर प्लांट की स्थापना को बढ़ावा दिए जाने की बात कही गई है।