अमर उजाला ब्यूरो
बंादा । किशोरी को बंधक बनाकर दुराचार के मामले में अदालत ने आरोपी को बलात्कार व पाक्सो एक्ट के तहत 10-10 साल कठोर कारावास व 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। इस मामले में दो साल के अंदर फैसला आ गया ।
अतर्रा थाना क्षेत्र के गांव निवासी किशोरी के पिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे के मुताबिक उसकी 14 वर्षीय पुत्री 11 नवंबर 2015 की शाम घर से गायब थी। उन्हाेंने खोजबीन शुरू की तो वह रात 11 बजे खटौरा निवासी कुलदीप पुत्र जुगुल किशोर मौर्य के घर से रोती हुई बाहर निकली। उसने बताया कि कुलदीप ने मवेशी बाडे़ में बंदकर उसके साथ दुराचार किया। बाहर निकलने नही दे रहा था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बंधक बनाना, दुराचार व लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की। चिकित्सीय परीक्षण में भी दुराचार की पुष्टि हुई। आरोप दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायधीश (प्रथम) कैप्टन डी पी एन सिंह के अदालत में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिक्ता शिवभूषण वर्मा ने पांच गवाह पेश किए। गुरुवार को फैसला सुनाते हुऐ न्यायधीश ने कहा कि लड़की 16 साल से कम उम्र की है और मुल्जिम शादीशुदा होते हुए नाबालिग से दुष्कर्म कर रहा है ऐसी दशा में धारा 376, में 10 साल की कठोर कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना, पाक्सो एक्ट में इतनी ही सजा व जुर्माना व धारा 342 में 6 माह की कैद व 500 रुपये जुर्माना किया जाता है। दुराचार व पास्को एक्ट में जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेगी।