बांदा। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक स्तर और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुधारने के लिए शासन ने कवायद शुरू कर दीं। जिला व तहसील स्तर पर गठित टास्क फोर्स अब इन पर नजर रखेगी। प्रत्येक माह 2 से 10 स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
उत्तर प्रदेश शासन (शिक्षा अनुभाग) द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और उपस्थिति के लिए निरीक्षण जरूरी है। टास्क फोर्स के जरिए शैक्षणिक गतिविधियों समेत विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर नजर रखना आसान होगा। जिलाधिकारी को शीघ्र टास्क फोर्स गठन के निर्देश दिए गए हैं।
जिला स्तरीय टीम 10 और तहसील स्तर की टीम 5 सदस्यीय होगी। जिला टास्क फोर्स में जिलाधिकारी अध्यक्ष और सीडीओ, डीआईओएस, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बीएसए, डीएसओ, डीडीओ, पीडी (डीआरडीए), समाज कल्याण अधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य होंगे।
तहसील स्तरीय टीम में एसडीएम अध्यक्ष और बीडीओ, नायब तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी व सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) सदस्य होंगे। प्रत्येक माह डीएम और सीडीओ 2-2, बीएसए व एबीएसए 10-10 और अन्य टीम सदस्य 5-5 विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण भी आवश्यक रूप से करने को कहा गया है। हर माह 7 तारीख को जांच रिपोर्ट राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान एवं शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगी।
-जिला और तहसील स्तर पर बनेगी टीम
-हर माह शासन को भेजना होगी निरीक्षण रिपोर्ट
-शिक्षा गुणवत्ता और उपस्थिति सुधारने की कवायद
अमर उजाला ब्यूरो