मध्य प्रदेश की सरहद में स्थित बालू घाट में पन्ना व छतरपुर जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने छापा मारा। बालू खनन में लगी 18 पोकलैंड मशीन व आधा दर्जन ट्रक सीज कर दिया। पन्ना एसपी ने अजयगढ़ थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया। दोनों जिलों के संयुक्त अभियान से बालू खदानों में हड़कंप मच गया।
मंगलवार को शाम पन्ना के डीएम जेपी आहरिन ने पुलिस अधिकारियों के साथ यूपी की सीमा में केन नदी पर चल रही सुनहरा बालू खदान में छापा मारा। लेकिन इसकी भनक पहले से लग जाने से बालू माफियाओं ने मशीनें और ट्रक हटा दिए। मौके पर सिर्फ एक पोकलैंड मशीन तथा एक ट्रक मिला। इसे सीज कर दिया गया। दोनों वाहनों के मालिकों को नोटिस भेजी है। इस दौरान उप जिलाधिकारी विनय द्विवेदी, तहसीलदार जेपी तिवारी व अजयगढ़ थाने की पुलिस फोर्स मौजूद रही।
उधर, करतल प्रतिनिधि के मुताबिक पन्ना (मध्य प्रदेश) के पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने अवैध खनन में अजयगढ़ थानाध्यक्ष हरि सिंह ठाकुर को लाइन हाजिर कर दिया है। बालू घाटों से 17 पोकलैंड मशीनें व एक फिल्टर मशीन पकड़कर सीज कर दी। मध्य प्रदेश के सीमावर्ती गांव नेहरा, चंदौरा, खरौनी व जिगनी में छतरपुर व पटना जिले की भारी पुलिस तैनात कर दी गई है। पन्ना व छतरपुर जिले के संयुक्त अभियान में बालू खदानों में छापा पड़ा।
बता दें कि खरौनी व चंदौरा खदान यूपी के नहरी ग्राम पंचायत की सीमा से जुड़ी है। जबकि जिगनी व चंादीपाटी खदान करतल सीमा से जुड़ीं हैं। इन खदानों में इन दिनों रातोंदिन अवैध खनन हो रहा है।
बड़ोखर बुजुर्ग। गिरवां थानाध्यक्ष विवेक प्रताप ने चेकिंग के दौरान बालू से ओवरलोड 11 ट्रक सीज कर दिए। दो दिन पहले एसपी डॉ.श्रीपति मिश्र ने गिरवां थाने का निरीक्षण कर थानाध्यक्ष को इस बाबत सख्त निर्देश दिए थे। सीज ट्रक खनिज चेकपोस्ट में खड़े करा दिए गए हैं।