बांदा। लोकसभा चुनाव में 90 फीसदी से अधिक मतदान की मुहिम ने ही यहां के डीएम हीरालाल को भारत निर्वाचन आयोग में ‘हीरो’ बना दिया। उनके अभियान की बांदा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभा के सार्वजनिक मंच से सराहना की थी। डीएम 17 व 18 दिसंबर को भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में ‘बेस्ट इलेक्ट्राल पैरासिटीज अवार्ड-2019’ के लिए नामित और आमंत्रित किए गए हैं।
जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों में 29 अप्रैल और 6 मई को दो चरणों में मतदान हुआ था। चुनाव की घोषणा होते ही डीएम ने 90 प्लस का नारा देकर मुहिम छेड़ दी कि बूथों पर 90 फीसदी से अधिक मतदान हो। दरअसल वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में जिले की दो ग्राम पंचायतों कोलावल रायपुर और शाहपाटन में क्रमश: 91.80 व 90.70 प्रतिशत मतदान हुआ था। डीएम ने इसे ही आधार मानकर मुहिम छेड़ दी। उनकी दलील थी कि जब दो गांवों में 90 फीसदी से ज्यादा वोट पड़ सकते हैं तो अन्य गांवों में क्यों नहीं?
मतदान को परवान चढ़ाने के लिए डीएम के निर्देशन में पूरा प्रशासन 90 प्लस अभियान में जुट गया। गांव-गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कलाकारों की टोलियों से प्रचार हुए। ब्रांड एंबेसडर और बूथ एंबेसडर नियुक्त किए गए। डीएम ने ग्राम प्रधानों और अन्य प्रमुख लोगों को 20 हजार पत्र अपने हस्ताक्षरों से भेजे। अभियान के स्लोगन वाली टोपी, दुपट्टे, टीशर्ट बांटे गए। रोजी-रोटी के लिए पलायन कर गए लाखों मतदाताओं को मतदान के लिए लाने को ग्राम प्रधानों और श्रम विभाग को दायित्व सौंपा गया। एनसीसी, स्काउट, रोवर्स, कैडेट्स, रेंजर्स आदि की रैलियां हुईं। दिव्यांग मतदाताओं की सूची बनाकर उन्हें मतदान करने के लिए दिव्यांग कल्याण विभाग सहित कई विभागों को लगाया गया। महिला प्रेरक समितियां बनीं। जगह-जगह प्रेरक स्लोगन लिखे गए। मीडिया प्रबंधन भी हुआ।
मतदान के दिन डीएम ने गर्मी के मद्देनजर हरेक बूथ पर ठंडे पानी, गुड़, चना और चाय की व्यवस्था कराई। बूथों के बाहर सांस्कृतिक कार्यक्रम गीत और भजन से मतदाताओं को रिझाया गया। स्वीप की समय-समय पर बैठकें और इनोवेशन एंड स्टार्टअप समिट आयोजन हुए। विभागवार आयोजन करके कर्मचारियों को मतदान के लिए प्रेरित किया गया। वार रूम और सघन मानीटरिंग, मतदान मेला, रैलियां इत्यादि की गईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूं सराहा था अभियान
डीएम के 90 प्लस अभियान की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खुले मंच से की। 25 अप्रैल 2019 को प्रधानमंत्री मोदी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में चुनावी सभा संबोधित करने आए थे। मंच से भाषण में कहा- चुनाव में चुनावी मशीनरी होती है, वो चुनाव में ये करो, ये न करो, ढिकना करो, फलाना न करो, इसी में लगी रहती है। मुझे बताया गया कि यहां जिले के जो चुनाव अधिकारी हैं वे 100 फीसदी वोटिंग के लिए मेहनत कर रहे हैं। ये बहुत अच्छी बात है। मैं उनको बधाई देता हूं। इलेक्शन कमीशन को भी ऐसे मेहनत करने वाले अफसरों की तरफ देखना चाहिए और इनका तरीका चुनाव में अपनाना चाहिए।