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Banda News: 314 किसानों के खाते में भेजा 8.87 लाख मुआवजा

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बांदा। केन व यमुना की बाढ़ से प्रभावित फसलों और गिरे मकानों के मुआवजे का वितरण शुरू हो गया है। उधर, संयुक्त टीम के सर्वे जो किसान पात्र मिल रहे है उन्हें तत्काल मुआवजा दिया जा रहा है।
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बृहस्पतिवार को आपदा विभाग ने 314 किसानों के खातों में आठ लाख 87 हजार 145 रुपये कृषि अनुदान भेजा। इसके अलावा 358 लोगों को मकान गिरने का मुआवजा दिया गया। जनपद में फौरी तौर पर किए गए सर्वे में केन व यमुना के सैलाब से करीब 200 हेक्टेयर व अति बारिश से 100 हेक्टेयर की खरीफ की फसल बर्बाद हो गई।
हालांकि सर्वे के लिए बीमा कंपनी, कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई है। सर्वे में किसानों के बैंक खाता, आधार, खतौनी आदि एकत्र करने में समय लग रहा है। एडीएम ने आदेश दिए है कि जिन पीड़ित व पात्र किसानों के बैंक खाता, आधार, खतौनी मिल जाए। उनकी सूची राजस्व विभाग के माध्यम से आपदा विभाग भेज दी जाए जिससे कृषि अनुदान दिया जा सके।
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आपदा विशेषज्ञ डाॅ. प्रभाकर ने बताया कि बृहस्पतिवार को 314 किसानों को कृषि अनुदान आठ लाख 87 हजार 145 रुपये दिया गया है। इसके अलावा 358 लोगों को मकान गिरने का मुआवजा दिया गया। इनमें पैलानी व बबेरू तहसील के किसान शामिल हैं।
बीमित किसान को नहीं मिलेगा अनुदान
एडीएम धर्मेद्र कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने वाले किसानों को कृषि अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा। एक किसान को एक ही फसल नुकसान का दो योजनाओं से लाभ नहीं मिलेगा। किसान या तो कृषि अनुदान ले लें या फिर बीमा कंपनी से क्लेम। सर्वे टीम को निर्देशों से अवगत करा दिया गया है। फिर भी कोई किसान दोनों लाभ लेता है तो कंप्यूटर में फीडिंग के दौरान वह स्वत: पकड़ जाएगा।


सिंचित को 17 हजार व असिंचित को 8,500

आपदा विशेषज्ञ ने बताया कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार बाढ़ व अति बारिश से जिन किसानों की 33 फीसदी से अधिक फसल क्षतिग्रस्त हुई है। सिचिंत किसानों को 17 हजार प्रति एकड़ अधिकतम दो एकड़ नुकसान पर कृषि अनुदान दिया जाएगा। असिंचित किसानों को 8,500 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा मिलेगा।
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