अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। विश्व फिजियोथेरैपी दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने न्यायालय परिसर के एडीआर भवन में विधिक सेवा शिविर का आयोजन किया। 67 लोगों का फिजियोथेरेपी से इलाज हुआ। उधर, दो अन्य शिविरों में भी क्रमश: 85 व 68 मरीजों का इलाज किया गया। फिजियोथेरेपी को एलोपैथी से ज्यादा फायदेमंद बताया गया।
जिला जज चंद्रभान तृतीय ने कहा कि फिजियोथेरेपी के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट खलीकुज्जमां ने कहा कि खिलाडिय़ों का पूरा इलाज फिजियोथेरेपी से होता है। यह एलोपैथी से बेहतर है। प्राधिकरण सचिव संजय कुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता की जरूरत बताई। बताया कि प्राधिकरण द्वारा शहर के वृद्धाश्रम में रह रहे अनाथ वृद्धों का फिजियोथेरेपी से इलाज प्राधिकरण के पराविधिक स्वयंसेवक एवं फिजियोथेरेपिस्ट डा.एमडी शरीफ व डा.एसपी सिंह द्वारा किया जाता है। इन दोनों डाक्टरों ने भी शिविर को संबोधित किया। जूनियर फिजियोथेरेपिस्ट रमाशंकर राजपूत, नीतेश कुमार, जितेंद्र सिंह सहित पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
उधर, नरैनी रोड स्थित बांदा पैरा मेडिकल एंड नर्सिंग स्कूल में डॉ. कुलदीप गुप्ता ने बताया कि इसका पहला दिवस 8 सितंबर 1996 को मनाया गया था। कैंप में 85 मरीजों का इलाज किया गया। क्विज प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कार दिया गया। स्कूल चेयरमैन मकबूल अली खां, डायरेक्टर डॉ.जरीना खान ने आभार जताया। प्राचार्य डॉ.ज्ञान प्रकाश, उप प्राचार्य सूर्या देवी, शाहिदा परवीन, अधीक्षक फसीउल्ला खां, शमीम खां, मंसूर अली, मंजूर अली खां, अशफाक अहमद, डॉ.आनंद, मारिया अहमद, संदीप उपाध्याय आदि मौजूद रहे। उधर, प्रोएक्टिव फिजियोथेरैपी एवं रिहैब सेंटर में आयोजित कैंप में निदेशक डॉ.कामिल खां ने बताया कि 68 मरीजों का इलाज फिजियोथेरेपी से किया गया।
-विधिक सेवा प्राधिकरण के शिविर में 67 का इलाज
-फिजियोथेरेपी को बताया एलोपैथी से बेहतर
-विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर आयोजन