बांदा। पलायित मजदूरों की वापसी जारी है। लॉकडाउन के छठवें दिन सोमवार को भी लगभग 800 मजदूर यहां पहुंचे। उनका प्रशासन ने नाम-पता दर्ज कर विभिन्न सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य चेकअप कराया है। इनमें किसी में भी फिलहाल कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं मिले।
अपर जिलाधिकारी के मुताबिक अब तक जनपद में 5000 से ज्यादा मजदूर आ चुके हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में साढ़े 300 मजदूरों का चेकअप हुआ। इन्हें मिलाकर अब तक यहां करीब 1300 मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। सभी को होम क्वारंटीन में भेज दिया गया है। उधर, डेढ़ सैकड़ा मजदूरों को परिवहन निगम की तीन बसों से जनपद के विभिन्न गांवों में उनके ठिकाने भेजा गया। मजदूरों को लेकर महानगरों से लेकर आज कोई बस नहीं आई।
उधर, प्रशासन ने मजदूरों के इन जत्थों को अस्थाई क्वारंटीन सेंटरों में रोकना शुरू कर दिया है। सीएमओ डा.संतोष कुमार ने बताया कि मेडिकल कालेज में 20 बेड और जिला अस्पताल व सभी सीएचसी में 10-10 बेड के क्वारंटीन सेंटर/वार्ड बनाए गए हैं। इनके अलावा आइसोलेशन वार्ड अलग हैं।
उधर, दिल्ली से आए 18 मजदूरों के जत्थे ने बताया कि वह दिल्ली की मार्बल फैक्ट्री में काम करते थे। 21 मार्च को जनता कफ्र्यू में ही फैक्ट्री मालिक ने उन्हें पांच-पांच सौ रुपये देकर तीन माह के लिए काम से रोक दिया। दो दिन तक वह दिल्ली में ही पड़े रहे। 24 मार्च की रात पैदल चल दिए। बीच-बीच में कोई वाहन मिला तो कुछ दूरी उसमेें तय कर ली। अधिकांशत: पैदल ही यात्रा पूरी की। इस बीच ज्यादातर भूखा और प्यासा रहना पड़ा। बच्चों और महिलाओं को ज्यादा कष्ट हुआ।
प्रत्येक तहसील में बनाए गए दो राहत शिविर
बांदा। अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि लौट रहे मजदूरों के लिए हरेक तहसील में दो राहत शिविर खोले जा रहे हैं। मजदूरों को यहां ठहराया जाएगा। उनके खान-पान आदि की व्यवस्था तहसीलदार और जिला पूर्ति अधिकारी करेंगे। शिविर में एक राजस्व कर्मी सहित दो कांस्टेबल भी पूरे समय तैनात रहेंगे। उधर, सोमवार को पुलिस ने बांदा-मिर्जापुर नेशनल हाईवे पर शहर के बाहर स्थित महावीरन मंदिर परिसर में लगभग आधा सैकड़ा मजदूरों के जत्थे को रोक लिया। यह शाम तक वहीं रोके रखे गए थे। उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी नहीं हो पाई थी।
पहली के बाद मिल सकते हैं फ्री सिलेंडर
बांदा। उज्ज्वला योजना में मुफ्त गैस सिलेंडर पह़ी अप्रैल के बाद मिलने की उम्मीद है। उधर, गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए उपभोक्ताओं को 15 दिन के अंतराल में ही गैस सिलेंडर मिल सकेंगे। आराधना इंडेन गैस एजेंसी संचालक रामेंद्र शर्मा ने बताया कि इस बारे में जल्द ही इंडेन ऑयल कंपनी से निर्देश जारी होने की उम्मीद है।
राहत कोष में दिए 51 हजार
नरैनी। करतल के व्यापारी निखिल कचेर ने पीएम राहत कोष में 51 हजार रूपये भेजे हैं। साथ ही व्यापारियों से कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए ज्यादा से ज्यादा मदद दिए जाने की अपील की है।