बांदा। बुंदेलखंड में सूखे का जायजा लेने आए केंद्रीय
कृषि मंत्रालय के निदेशक ने चित्रकूटधाम मंडल में सूखे का लगभग 80 फीसदी
असर माना है। कृषि विभाग से इस संबंध में मिली रिपोर्ट वह केंद्र सरकार को
सौपेंगे।
उन्होने अफसरों से पूछा वह केंद्र सरकार से कैसी और कितनी
मदद चाहते हैं। उन्होने हर गांव में मनरेगा से बड़े तालाब खोदे जाने की
सलाह दी।
दिल्ली कूच करने से पहले उन्होने राह चलते हाइवे किनारे
के दो गांवों में सूख रही फसलें देखीं। कृषि मंत्रालय में निदेशक
(हार्टीकल्चर) अतुल पाटनी ने गुरुवार रात हमीरपुर से लौटने के बाद शुक्रवार
सुबह सर्किट हाउस में कमिश्नर एल वेंकटेश्वर लू, डीएम सुरेश कुमार और
बांदा व चित्रकूट के कृषि तथा राजस्व विभाग के अफसरों के साथ बैठक की।
इस
दौरान उन्होने अफसरों से पूछा सूखा पीड़ित किसानों को किस तरह राहत दी जा
सकती है। उन्होने फसलों और सिंचाई व्यवस्था के बारे में भी पूछा।
मनरेगा
से गांवों में बड़ी संख्या में तालाब खुदवाने और तलहटी में पालीथिन
बिछवाकर पानी भरवाने की सलाह दी। हालांकि अफसरों ने केंद्रीय प्रतिनिधि को
पानी की समस्या की भी जानकारी दी। बैठक के बाद महोबा जाते समय रास्ते में
केंद्रीय प्रतिनिधि ने खैराडा और मटौंध गांवों के हाइवे किनारे के कुछ
खेतों का जायजा लिया।
इस दौरान मंडल के उप कृषि निदेशक उमेशचंद्र कटियार, एसडीएम विनय पाठक, कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव सहित कई अफसर मौजूद रहे।