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महानगरों से लौटे 7315 मजदूर 36 क्वारंटीन सेंटरों के हवाले

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बांदा। लॉकडाउन हुए 9 दिन बीत गए। इस अवधि में अब तक देश के विभिन्न महानगरों से 7315 मजदूर अपने घरों को वापस लौटे हैं। उन्हें कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका से एहतियात के तौर पर क्वारंटीन केंद्रों में 14 दिन के लिए रोका गया है। क्वारंटीन सेंटरों में 36 विभिन्न स्कूल-कालेज और 376 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन या अन्य सार्वजनिक इमारतें शामिल हैं।
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25 मार्च को लॉकडाउन घोषित होने के बाद अगले ही दिन से यहां विभिन्न साधनों और पैदल सड़क मार्गों से मजदूरों की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया था। यह मजदूर सपरिवार महानगरों में रोजगार की तलाश में गए थे। इन्हें कोरोना संक्रमित होने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग घर पहुंचने से पहले ही सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य परीक्षण करा रहा है। इस परीक्षण के बाद उन्हें विभिन्न क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया है। यह 14 दिन यहां बिताएंगे। बुधवार तक लौटने वाले मजदूरों का आंकड़ा 7315 पार कर गया। गुरुवार को 151 मजदूरों की आमद हुई।
विकास भवन स्थित बनाए गए कंट्रोल रूम लौट रहे मजदूरों पर लगातार नजर रख रहा है। उपरोक्त आंकड़े भी कंट्रोल रूम के ही हैं। कंट्रोल रूम प्रभारी बीएसए हरिश्चंद्रनाथ ने बताया कि जनपद में विभिन्न 36 स्कूलों व अन्य सार्वजनिक भवनों में क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। कंट्रोल रूम में तैनात किए गए शिक्षक प्रतिदिन क्वारंटीन किए गए मजदूरों से फोन द्वारा संपर्क कर रहे हैं। मजदूरों के स्वास्थ्य आदि की जानकारी ले रहे हैं। यह जानकारियां स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को प्रतिदिन भेजी जा रही हैं।
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हरेक ब्लाक में क्वारंटीन किए गए मजदूर
बांदा। महानगरों से लौटने वाले मजदूरों को क्वारंटीन सेंटरों और उनके घरों में रोका गया है। बड़ोखर खुर्द में 535 क्वारंटीन सेंटर में और 324 घर में, तिंदवारी में 185 सेंटर में व 474 घरों में, बिसंडा में 380 सेंटर में और 611 घरों में, जसपुरा में 189 सेंटरों में और 163 घरों में, नरैनी में 206 सेंटर में और 943 घरों में, महुआ में 552 सेंटरों में व 721 घर में, बबेरू में 584 सेंटरों में और 491 घर में तथा कमासिन में 290 सेंटरों और 657 घरों में क्वारंटीन किए गए हैं।
75 मजदूरों ने की सेंटरों से फरार होने की कोशिश
बांदा। क्वारंटीन सेटरों की सुविधाएं महानगरों से लौटे अधिकांश मजदूरों को रास नहीं आ रही। वह यहां से निकलने की जुगत में हैं। ऐसे ही 75 मजदूरों ने क्वारंटीन सेंटरों से निकल भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें प्रशासनिक कर्मियों ने कुछ ही देर बाद पकड़कर फिर सेंटर पहुंचा दिया। इनमें एक क्वारंटीन मजदूर की एफआईआर भी तिंदवारी थाने में दर्ज हुई है।
वह कस्तूरबा गांधी विद्यालय, तिंदवारी से 30 मार्च की रात निकल भागा था। अगले ही दिन उसे बांदा शहर में पकड़ा गया। कंट्रोल रूम प्रभारी/बीएसए हरिश्चंद्रनाथ ने बताया कि अन्य ऐसे प्रकरणों में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्हें नोटिस जारी कर इसकी पुनरावृत्ति करने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
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